गुरुग्राम में प्रदूषण फैलाने वालों की अब खैर नहीं! शहर की हवा को जहरीला बनाने में योगदान देने वाली निर्माण साइटों पर प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। GRAP-2 लागू होने के बावजूद अगर बिल्डर प्रदूषण रोकने के नियमों को नजरअंदाज कर रहे हैं, तो अब उनकी साइट पर ताला लग सकता है।
दरअसल, बढ़ते वायु प्रदूषण के बीच हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB) की टीम ने गुरुग्राम में बड़ी कार्रवाई की है। जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन मिलने पर 10 निर्माण साइटों को सील कर दिया गया है।

न कैमरे मिले, न एंटी स्मॉग गन, उड़ती मिली धूल!
जांच में सामने आया कि इन निर्माण स्थलों पर प्रदूषण रोकने के लिए जरूरी इंतजाम ही नहीं किए गए थे। कई साइटों पर CCTV कैमरे और सेंसर नहीं मिले। इसके अलावा एंटी स्मॉग गन, स्प्रिंकलर और बैरिकेडिंग जैसी व्यवस्थाएं भी नदारद थीं।
नियमों के मुताबिक निर्माण स्थलों पर धूल को बाहर फैलने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग, नियमित पानी का छिड़काव, एंटी स्मॉग गन और स्प्रिंकलर लगाना जरूरी है। साथ ही निर्माण गतिविधियों पर नजर रखने के लिए कैमरे और सेंसर भी लगाने होते हैं।
अब बिल्डरों की जेब पर भी पड़ेगी मार!
सिर्फ साइट सील करने तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अब संबंधित बिल्डरों और निर्माणकर्ताओं पर जुर्माना लगाने की प्रक्रिया भी शुरू करेगा।
अधिकारियों के मुताबिक GRAP-2 के नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा। यानी अब गुरुग्राम में निर्माण कार्य करने वाले बिल्डरों को नियमों की अनदेखी करना महंगा पड़ सकता है।
