प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने ऑनलाइन सट्टेबाजी में लिप्त एक बड़ी कंपनी के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए गुरुग्राम स्थित मेसर्स प्रोबो मीडिया टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड और इसके प्रमोटरों सचिन सुभाषचंद्र गुप्ता और आशीष गर्ग की करीब ₹284.5 करोड़ की संपत्ति फ्रीज कर दी है। साथ ही, तीन बैंक लॉकर भी सील किए गए हैं।

ईडी ने बताया कि यह कार्रवाई पीएमएलए (Prevention of Money Laundering Act), 2002 के तहत की गई है। 8 और 9 जुलाई को गुरुग्राम और जींद में कंपनी और प्रमोटरों के कई ठिकानों पर छापेमारी की गई। तलाशी के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल डाटा बरामद हुए हैं, जिन्हें जब्त कर लिया गया है।
ईडी के अनुसार, कंपनी द्वारा “Probo App” और संबंधित वेबसाइट का संचालन किया जा रहा है, जो ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर देशभर में अवैध जुआ और सट्टेबाजी गतिविधियों में लिप्त है। यह ऐप यूजर्स को विभिन्न पॉलिसी, पॉप कल्चर, खेल और राजनीतिक घटनाओं पर दांव लगाने की सुविधा देता है, जिसे ‘प्रिडिक्शन मार्केट’ के रूप में प्रचारित किया गया था, लेकिन असल में यह गैंबलिंग का रूप है।
जब्त की गई संपत्तियों में शामिल हैं:
- 284.5 करोड़ रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट्स (FDs)
- शेयर बाजार में भारी निवेश
- तीन बैंक लॉकर
ईडी का कहना है कि प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि ऐप और वेबसाइट के माध्यम से बड़े पैमाने पर धनशोधन (Money Laundering) किया गया, जो कि कानूनन अपराध है।
क्या है अगला कदम?
प्रवर्तन निदेशालय अब इस मामले में धन के स्रोत, विदेशी लिंक और अन्य सह-आरोपियों की जांच कर रहा है। अगर जांच में अन्य ठोस सबूत मिले, तो कंपनी के खिलाफ आपराधिक मुकदमा और भी गहराया जा सकता है।
