गुरुग्राम के जिला न्यायालय में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में न्याय की एक मिसाल पेश हुई। इस आयोजन में विभिन्न प्रकार के मामलों का त्वरित, सौहार्दपूर्ण और आपसी समझौते के आधार पर निपटारा किया गया। लोक अदालत का आयोजन हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन में और जिला एवं सत्र न्यायाधीश चंद्र शेखर के मार्गदर्शन में हुआ।

27 बेंचों पर चला न्यायिक समाधान का अभियान
गुरुग्राम मुख्यालय की 25 और सोहना व पटौदी में एक-एक पीठ सहित कुल 27 पीठों पर इस लोक अदालत का आयोजन किया गया। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं डीएलएसए सचिव रमेश चंद्र ने जानकारी दी कि इस दौरान 1,27,999 मामलों को सूचीबद्ध किया गया, जिनमें से 82,609 मामलों का समाधान आपसी सहमति से किया गया।

18 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का निपटारा
लोक अदालत में न सिर्फ मामलों का निपटारा हुआ बल्कि इससे जुड़ी 18 करोड़ रुपये से अधिक की राशि के विवाद भी हल किए गए। यह साबित करता है कि लोक अदालतें नागरिकों के लिए आर्थिक और मानसिक राहत का बड़ा माध्यम बन रही हैं।
पैनल अधिवक्ताओं और ट्रैफिक हेल्प डेस्क की विशेष भूमिका
प्रत्येक पीठ पर एक-एक पैनल अधिवक्ता की तैनाती की गई, जिन्होंने दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके अतिरिक्त, गेट नंबर 2 के पास ट्रैफिक हेल्प डेस्क लगाई गई, जिससे चालान संबंधित मामलों का निपटान आसान हुआ।
बड़ी संख्या में नागरिकों ने लिया लाभ
इस लोक अदालत में बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लिया और अपने लंबित मामलों का समाधान पाया। लोक अदालत का यह आयोजन एक बार फिर न्याय को सुलभ, सस्ता और सहज बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम सिद्ध हुआ।
