गुरुग्राम में बढ़ते कंक्रीट के जंगल और पेड़ों की लगातार कटाई के बीच शहर में पहली बार पक्षियों के लिए सुरक्षित आवास तैयार किए जा रहे हैं। नगर निगम गुरुग्राम द्वारा पंचकूला की तर्ज पर चार अलग-अलग स्थानों पर आधुनिक पक्षी घर स्थापित करने की योजना पर काम शुरू कर दिया गया है।

अभी तक शहर में निगम की ओर से किसी भी प्रकार के पक्षी घर नहीं बनाए गए थे, जिसके कारण पक्षी अरावली क्षेत्रों और घनी आबादी वाले इलाकों में अस्थायी घोंसले बनाकर रहने को मजबूर थे। अब निगम का यह कदम पक्षियों को न सिर्फ सुरक्षित निवास उपलब्ध कराएगा, बल्कि जैव-विविधता के संरक्षण को भी प्रोत्साहित करेगा।
52 फीट ऊंचे होंगे टावर, 650 पक्के घोंसले
निगम द्वारा बनाए जाने वाले ये पक्षी घर पूरी तरह आधुनिक डिज़ाइन पर आधारित होंगे।
- हर पक्षी घर की ऊंचाई — लगभग 52 फीट
- प्रत्येक टावर में — 650 पक्के घोंसले
- हर घोंसले में — 4-5 पक्षी आसानी से रह सकेंगे
- कुल क्षमता — 8,000 से 10,000 पक्षियों के लिए आवास
इन टावरों में पक्षियों की सुरक्षा और आराम का विशेष ध्यान रखा गया है, ताकि वे मौसम और शिकारी पक्षियों से सुरक्षित रह सकें।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल शहर में पक्षियों की घटती प्रजातियों को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
शहर की प्राकृतिक सुंदरता और पारिस्थितिकी तंत्र को संतुलित रखने के लिए यह प्रयास सराहनीय है।
पर्यावरणविदों और स्थानीय लोगों ने इस योजना का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि जल्द ही गुरुग्राम प्रकृति-अनुकूल शहरों की सूची में शामिल होगा।
पहले होगा ट्रायल, फिर चारों ज़ोन में विस्तार
नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया ने बताया कि:
“पहले चरण में एक ज़ोन में ट्रायल के रूप में पक्षी घर बनाया जाएगा। सफल होने के बाद बाकी तीन ज़ोन में भी इसका निर्माण किया जाएगा।”
निगम का यह प्रयास शहर को एक नया और सकारात्मक पर्यावरणीय संदेश देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
