गुरुग्राम के सेक्टर-10 सिविल अस्पताल से मंगलवार दोपहर पुलिस की आंखों के सामने एक युवक फरार हो गया। मेडिकल कराने लाई पुलिस टीम को चकमा देकर आरोपी भाग निकला और करीब एक घंटे तक पुलिस उसे ढूंढती रही। पूरी वारदात अस्पताल क्वार्टर के CCTV कैमरों में कैद हो गई है।
इमरजेंसी गेट से हाथ छुड़ाकर भागा आरोपी
जानकारी के अनुसार, चरखी दादरी के पिचोपा कलां गांव का रहने वाला आशीष उर्फ गोलू (18) किडनैपिंग और फिरौती केस में गिरफ्तार आरोपी है। मंगलवार को पुलिस उसे मेडिकल जांच के लिए अस्पताल लाई थी। इसी दौरान इमरजेंसी के बाहर वह अचानक पुलिसकर्मियों का हाथ छुड़ाकर तेज दौड़ लगा देता है।
पीछे भागता रहा कुत्ता, CCTV में कैद हुई पूरी घटना
CCTV फुटेज में दिखता है कि आरोपी क्वार्टर की तरफ भाग रहा है और पीछे से पुलिस के “पकड़ो-पकड़ो” चिल्लाने की आवाजें आ रही हैं। इस दौरान क्वार्टरों के बाहर बैठे लोगों का पालतू कुत्ता भी युवक के पीछे दौड़ पड़ता है। आरोपी दीवार फांदकर सेक्टर-10 की ओर भाग निकलता है।
स्थानीय लोगों ने अस्पताल परिसर की सुरक्षा पर सवाल उठाते हुए कहा—
“दीवारें छोटी हैं, कोई भी आराम से कूदकर भाग सकता है।”
शहर में नाकाबंदी, CIA टीम ने एक घंटे बाद दबोचा
घटना के बाद कंट्रोल रूम को अलर्ट भेजा गया और शहर में नाकाबंदी कर दी गई। लगातार खोजबीन के बाद CIA टीम ने आरोपी को एक घंटे के अंदर फिर से पकड़ लिया और थाने में पूछताछ जारी है।

किडनैपिंग गैंग का हिस्सा था आशीष
7 दिसंबर को गुरुग्राम पुलिस ने चार युवकों को गिरफ्तार किया था जिन्होंने 20 वर्षीय युवक को सोशल ऐप Grindr पर दोस्ती कर अगवा किया था और 37 हजार रुपये की फिरौती वसूल ली थी।
गिरफ्तार आरोपी—
- अजय (21)
- दीपेश उर्फ दीपू (18)
- आशीष उर्फ गोलू (18)
- अनिल (33)
इनके पास से एक स्कॉर्पियो और 11 मोबाइल फोन बरामद किए गए थे।
6 दिसंबर को किया था पहला अपहरण, कुरुक्षेत्र में दूसरा
पीड़ित ने बताया कि आरोपी उसे नशे का इंजेक्शन देकर एक्सप्रेसवे से उठा ले गए थे और उसके परिवार से पैसे मंगवाए।
पुलिस पड़ताल में सामने आया कि जिस खाते में 21 हजार रुपये ट्रांसफर करवाए गए वह खाता मनप्रीत नामक युवक का था, जिसे आरोपियों ने उसी दिन करनाल के असंध से अगवा किया था।
गुरुग्राम पुलिस के अनुसार, ये सभी युवक नशे के आदि हैं और लत पूरी करने के लिए किडनैपिंग जैसी वारदातों को अंजाम दे रहे थे।
