गुरुग्राम में कौन कर रहा है मिनटों में घर खाली? पुलिस ने खोला खामोश खतरे का राज

गुरुग्राम और पूरे दिल्ली-एनसीआर में पिछले कुछ महीनों से बढ़ती चोरी की वारदातों के पीछे अब एक बड़ा और संगठित मॉड्यूल सामने आया है। पुलिस की जांच में पता चला है कि चोरी की ये घटनाएँ किसी स्थानीय गैंग का काम नहीं, बल्कि नेपाल में बैठे आपराधिक नेटवर्क की पूरी प्लानिंग का हिस्सा हैं। ये गैंग नेपाल के तीन जिलों—गौरीफैंटा, धनगढ़ी और अच्छाम—में युवाओं को बाकायदा ट्रेनिंग देकर भारत भेजते हैं, जहाँ वे कुछ ही मिनटों में घरों को खाली कर देते हैं।

5 से 7 मिनट में पूरी वारदात, हर ताले को तोड़ने में माहिर

क्राइम ब्रांच के अनुसार, इन चोरों की सबसे बड़ी खासियत उनकी गति और प्रोफेशनलिज़्म है। ट्रेनिंग के दौरान इन्हें सिखाया जाता है कि किस तरह घर का मुख्य दरवाज़ा, डिजिटल लॉक और सिक्योरिटी चेन को बिना आवाज किए तोड़ा जाए। यही कारण है कि ये गैंग

  • 5–7 मिनट में पूरे घर की तलाशी पूरी कर लेते हैं
  • कैश, ज्वेलरी और पोर्टेबल कीमती सामान लेकर निकल जाते हैं
  • भागने का रूट पहले से तय रखते हैं

इनकी स्पीड और तकनीक के कारण पुलिस को घटना के बाद सुराग तक नहीं मिल पाता।

धनगढ़ी बना चोरी किए सोने का सबसे बड़ा ठिकाना

जांच में सामने आया है कि नेपाल का धनगढ़ी जिला इन वारदातों में मुख्य भूमिका निभा रहा है। यह भले छोटा इलाका है, लेकिन यहाँ सोने की बड़ी संख्या में दुकानें मौजूद हैं।
भारत से चोरी कर लाया गया सोना सबसे ज्यादा यहीं बेचा जाता है। चोर नेपाल पहुंचते ही होटल में रुकते हैं और सुनार को वहीं बुला लेते हैं। 48 घंटे के भीतर सोने को पिघला कर उसका आकार बदल दिया जाता है ताकि उसकी पहचान असंभव हो जाए।

घर के अंदर प्रवेश—नेपाली नौकर सबसे आसान रास्ता

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गैंग घरों में घुसने के लिए घरेलू नौकरों का इस्तेमाल कर रहा है।
वे कई तरीके अपनाते हैं—

  • निजी एजेंसियों के ज़रिए फर्जी दस्तावेजों पर नौकर लगवाना
  • पुराने नेपाली नौकरों से फेसबुक के जरिए संपर्क कर घर की जानकारी जुटाना
  • भरोसेमंद नौकर के बदले प्रशिक्षित चोर को घर में भेजना

कई निजी एजेंसियाँ वेरिफिकेशन नहीं करतीं, जिससे गैंग को घरों में आसानी से एंट्री मिल जाती है।

सबसे खतरनाक तरीका—खाने में नींद की दवा मिलाना

कुछ मामलों में ये चोर पहले घर के लोगों को बेहोश करते हैं। वे खाने या पानी में sleeping pills मिला देते हैं।
जब पूरा परिवार गहरी नींद में चला जाता है, तब गैंग सिर्फ कुछ मिनटों में लाखों की चोरी कर भाग निकलता है। कई बार वे घर की कार भी साथ ले जाते हैं ताकि आसानी से बॉर्डर पार कर सकें।

क्यों नहीं पकड़े जाते ये चोर? पुलिस की सबसे बड़ी चुनौती

सेक्टर-43 क्राइम ब्रांच के प्रभारी इंस्पेक्टर नरेंद्र शर्मा के मुताबिक सबसे बड़ी समस्या यह है कि भारत और नेपाल के बीच अपराधियों को वापस लाने की कोई संधि नहीं है।
यानी, अगर चोर नेपाल में घुस जाता है, तो उसे कानूनी रूप से भारत लाना बेहद मुश्किल हो जाता है। यही वजह है कि ये गैंग वारदात के 24 घंटे के भीतर नेपाल पहुंच जाते हैं और पकड़ से बाहर हो जाते हैं।

गुरुग्राम पुलिस की अपील—बिना जांच के किसी को घर में काम पर न रखें

गुरुग्राम पुलिस ने नागरिकों से विशेष आग्रह किया है:

  • नेपाली नागरिकों को बिना वेरिफिकेशन के घर में नौकर या हेल्पर के रूप में नियुक्त न करें
  • निजी एजेंसियों के दस्तावेजों की दोबारा जांच ज़रूर करें
  • घरों में हाई-सेक्योरिटी लॉक और CCTV लगवाएं
  • नए नौकर को रखने से पहले पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य कराएं

पिछले कुछ महीनों में हरियाणा के कई जिलों में इन्हीं गैंगों द्वारा बड़ी वारदातें की गई हैं, जिसके बाद पुलिस ने चेतावनी और जागरूकता अभियान तेज किया है।

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