गुरुग्राम पुलिस ने अवैध रूप से भारत में रह रहे 13 बांग्लादेशी नागरिकों को उनके देश भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। गुरुवार को एक इंस्पेक्टर की अगुवाई में 23 पुलिसकर्मियों की विशेष एस्कॉर्ट टीम सभी नागरिकों को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से मालदा टाउन एक्सप्रेस के जरिए पश्चिम बंगाल के लिए रवाना हुई। वहां से निर्धारित कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए उन्हें भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा पर संबंधित अधिकारियों के हवाले किया जाएगा।

एक महीने पहले पकड़े गए थे
पुलिस के मुताबिक, शहर में चलाए जा रहे दस्तावेज सत्यापन अभियान के दौरान सेक्टर-39 थाना पुलिस ने इन 13 बांग्लादेशी नागरिकों को अवैध रूप से भारत में रहते हुए पकड़ा था। जांच के बाद सभी को मानेसर स्थित डिटेंशन सेंटर में रखा गया, जहां कानूनी औपचारिकताएं पूरी की गईं।
करीब एक महीने बाद अब डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
23 पुलिसकर्मी कर रहे हैं सुरक्षा
डिपोर्टेशन के लिए गुरुग्राम पुलिस ने एक इंस्पेक्टर के नेतृत्व में 23 पुलिसकर्मियों की विशेष एस्कॉर्ट टीम बनाई है। यह टीम सभी नागरिकों को सुरक्षित रूप से मालदा टाउन तक लेकर जाएगी। इसके बाद सीमा पर मौजूद केंद्रीय और संबंधित एजेंसियों को उन्हें सौंपा जाएगा, जहां से उन्हें बांग्लादेश भेजा जाएगा।
शहरभर में जारी है सत्यापन अभियान
एसीपी क्राइम नवीन शर्मा ने बताया कि गुरुग्राम पुलिस लगातार सत्यापन अभियान चला रही है। इस दौरान झुग्गी-झोपड़ियों, किराए के मकानों, कॉलोनियों, औद्योगिक क्षेत्रों, फैक्ट्रियों, होटल और अन्य प्रतिष्ठानों में रहने वाले लोगों के दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
उन्होंने कहा कि अभियान का मकसद केवल अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान कर कानून के अनुसार कार्रवाई करना है।
वैध दस्तावेज वालों को घबराने की जरूरत नहीं
एसीपी ने स्पष्ट किया कि जिन भारतीय नागरिकों और विदेशी नागरिकों के पास वैध दस्तावेज हैं, उन्हें किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है। पुलिस किसी भी निर्दोष व्यक्ति को परेशान नहीं करेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि अभियान को लेकर सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों पर झूठी और भ्रामक अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस की अपील
गुरुग्राम पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी इलाके में कोई संदिग्ध या अवैध रूप से रह रहा विदेशी नागरिक दिखाई दे तो इसकी सूचना तुरंत 112 या नजदीकी पुलिस थाने को दें।
इसके अलावा मकान मालिकों, होटल संचालकों, फैक्ट्री मालिकों और अन्य संस्थानों से अपने किराएदारों, कर्मचारियों और घरेलू सहायकों का पुलिस सत्यापन करवाने की भी अपील की गई है।
