गुरुग्राम में 3 लाख टन मलबा… 6500 पशु… अब क्या होने वाला है?

गुरुग्राम शहर में जगह-जगह फैले करीब तीन लाख टन मलबे का निपटान अब अगले एक महीने में किया जाएगा। बुधवार को गुरुग्राम में हुई बैठक में शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल ने नगर निगम अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजेश खुल्लर भी मौजूद रहे।
बैठक के एजेंडे में मलबा निपटान के साथ ही खुले में घूम रहे बेसहारा पशु, सफाई व्यवस्था और सीवरेज सुधार शामिल रहे।

6500 बेसहारा पशु सड़कों पर
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल गुरुग्राम में 5,000 गाय और 1,500 नंदी खुले में घूम रहे हैं। निगम की कामधेनु और नंदीधाम शालाओं में फिलहाल 1,000 अतिरिक्त पशु रखने की क्षमता है। मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव ने निर्देश दिया कि दो और गोशालाओं की व्यवस्था की जाए, ताकि सभी पशुओं को सुरक्षित रखा जा सके।

बनेगी WhatsApp हेल्पलाइन, इनाम भी मिलेगा
मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि नागरिकों की मदद के लिए एक विशेष WhatsApp हेल्पलाइन जारी की जाएगी, जिस पर बेसहारा गोवंश और निराश्रित पशुओं की सूचना दी जा सकेगी।
• सूचना देने वालों को इनाम मिलेगा।
• सफाई कर्मचारियों के लिए भी प्रोत्साहन योजना लागू होगी—जो कर्मचारी पशु पकड़कर संबंधित एजेंसी को सौंपेंगे, उन्हें भी इनाम मिलेगा।

मलबा शुल्क वसूली होगी अनिवार्य
मंत्री ने साफ कहा कि भवन नक्शा पास करते समय मलबा शुल्क वसूली अनिवार्य की जाए। इसके साथ ही,
• सार्वजनिक स्थान कचरा मुक्त रखने,
• सीएंडडी वेस्ट समय पर उठाने,
• सफाई संसाधन बढ़ाने,
• और सीवरेज समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश दिए गए।

बैठक में जीएमडीए सीईओ श्यामल मिश्रा, मंडल आयुक्त आरसी बिधान, डीसी अजय कुमार, गुरुग्राम निगमायुक्त प्रदीप दहिया, मानेसर निगमायुक्त आयुष सिन्हा व अतिरिक्त निगमायुक्त यश जालुका सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।

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