साइबर सिटी में अब लोग हर जगह आवारा कुत्तों को खाना नहीं खिला पाएंगे। गुरुग्राम और मानेसर में नगर निगम ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के पालन में नई गाइडलाइन तैयार की है। इसके तहत कुत्तों के लिए अलग से डॉग फीडिंग प्वाइंट बनाए जाएंगे।

स्थानीय आरडब्ल्यूए और सोसाइटी प्रबंधन को निर्देश दिए गए हैं कि वे भीड़भाड़ वाले इलाकों से दूर फीडिंग प्वाइंट चिन्हित कर इसकी जानकारी निगम को दें। रिहायशी क्षेत्रों में कुत्तों की बढ़ती संख्या और काटने की घटनाओं में इजाफे को देखते हुए यह कदम जरूरी माना जा रहा है।
प्रमुख बातें
- रिहायशी सोसाइटी में अब कुत्तों को कहीं भी खाना खिलाना मना होगा।
- फीडिंग प्वाइंट सोसाइटी के मुख्य गेट, पार्क, बाजार और स्कूल जैसी भीड़भाड़ वाली जगहों से दूर होंगे।
- आक्रामक कुत्तों को बेगमपुर खटौला और बसई में बने शेल्टर्स में चिकित्सकों की निगरानी में रखा जाएगा।
बेगमपुर खटौला में दो करोड़ रुपये की लागत से बिल्डिंग तैयार की गई है, जबकि बसई में 50 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। शहर में लगभग 30 हजार से अधिक आवारा कुत्ते हैं।
नगर निगम ने कुत्तों के टीकाकरण और बंध्याकरण के लिए पहले दो एजेंसियों – जीव दया और एनिमल सिंपेथी – को काम सौंपा था। लेकिन काम न होने के कारण निगम ने अब टेंडर शर्तों में बदलाव कर दोबारा प्रक्रिया शुरू की है।
नगर निगम के संयुक्त आयुक्त डॉ. प्रीतपाल सिंह ने बताया कि आरडब्ल्यूए और सोसाइटी प्रबंधन को डॉग फीडिंग प्वाइंट बनाने और कुत्तों के टीकाकरण व बंध्याकरण के लिए जल्द ही जिम्मेदारी सौंप दी जाएगी।
