नगर निगम गुरुग्राम के आयुक्त प्रदीप दहिया ने शहर की सफाई और कचरा प्रबंधन को और प्रभावी बनाने के लिए नई योजनाओं का खुलासा किया। मंगलवार को मीडिया से बातचीत में उन्होंने बताया कि निगम की वेबसाइट पर डोर-टू-डोर मॉडल रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट बायलॉज (SWM) अपलोड किए जा रहे हैं। इससे नागरिक अपने सुझाव देकर स्वच्छ गुरुग्राम के निर्माण में सहयोग कर सकते हैं।

नई डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण योजना:
आयुक्त ने कहा कि योजना के तहत 800 वाहन तैनात किए जाएंगे, जिनमें संकरी गलियों के लिए ई-रिक्शा भी शामिल होंगे। वर्तमान में निगम 330 वाहनों से कचरा संग्रह करता है और इसके लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता। आयुक्त ने चेताया कि अगर कोई निजी व्यक्ति शुल्क वसूलता है, तो तुरंत निगम को सूचित करें; ऐसे मामलों में FIR दर्ज कराई जाएगी।
सड़क सफाई और गार्बेज पॉइंट्स में सुधार:
नगर निगम ने मुख्य सड़कों पर स्थित गार्बेज वल्नरेबल पॉइंट्स (GVP) को कम करते हुए 282 से घटाकर 222 कर दिया है। भविष्य में इसे और भी कम करने की योजना है।
सीवर और पेयजल व्यवस्था पर कड़ी कार्रवाई:
आयुक्त ने नागरिकों से अपील की कि वे गीला और सूखा कचरा अलग-अलग करें और कचरा केवल डोर-टू-डोर गाड़ी या ट्रॉली में डालें। सीवर में पशुओं का गोबर नहीं फेंकना चाहिए। जो लोग सीवर जाम या अवैध पेयजल कनेक्शन करेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
प्रदूषण नियंत्रण के कदम:
नगर निगम प्रदूषण नियंत्रण में भी सक्रिय है। सीपीसीबी की सहायता से 10 इंटीग्रेटेड एंटी-स्मॉग गन मशीनें खरीदी जा रही हैं, जो जल्द ही शहर में काम शुरू करेंगी।
आयुक्त ने कहा कि स्वच्छ गुरुग्राम की दिशा में हर नागरिक की भूमिका अहम है।
