गुरुग्राम में विजिलेंस अफसर बताकर वसूली…पुलिसकर्मियों को ही बना रहे थे शिकार

गुरुग्राम पुलिस ने ऐसे दो ठगों को पकड़ा है जो खुद को विजिलेंस विभाग का अधिकारी बताकर ट्रैफिक पुलिसकर्मियों से पैसे वसूलने की कोशिश करते थे। दोनों आरोपियों ने दिल्ली-NCR में आधा दर्जन से अधिक वारदातों में शामिल होने की बात स्वीकार की है।

आरोपियों की पहचान
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों में—

  • दीपक (45): मूल निवासी गांव रानीला, जिला चरखी-दादरी; वर्तमान में गुरुग्राम के सेक्टर-10 में किराए पर रह रहा था।
  • नितिन कुमार (50): निवासी एक्सटेंशन-II नांगलोई, दिल्ली; फिलहाल काठमांडू, नेपाल में रहता है।

करीब दो साल पहले दीपक नेपाल गया था, वहीं उसकी मुलाकात नितिन से हुई। इसके बाद दोनों ने मिलकर धोखाधड़ी की योजना बनानी शुरू की। दीपक प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता है, जबकि नितिन वारदातों के लिए कभी-कभी भारत आता है।

पुलिसकर्मियों को बनाते थे निशाना
दोनों आरोपी दीपक की कार में घूमते थे और पुलिसकर्मियों को टारगेट करते थे। वे खुद को विजिलेंस अधिकारी बताकर कहते कि उनके खिलाफ शिकायतें आई हैं और उसी डर का फायदा उठाते हुए रिश्वत की मांग करते।

ZO से 50 हजार रुपए की डिमांड

ट्रैफिक जोनल ऑफिसर (ZO) नरेंद्र ने बताया कि 15 अक्टूबर की शाम वह ड्यूटी पर चालान कर रहे थे। उसी दौरान एक ग्रे रंग की बलेनो कार उनके पास आकर रुकी। कार में बैठे दोनों व्यक्तियों ने खुद को विजिलेंस अधिकारी बताया और नरेंद्र को पास के पुलिस बूथ के अंदर ले गए।

बूथ में जाकर उन्होंने कहा कि नरेंद्र के खिलाफ रिश्वत लेने की शिकायतें आई हैं। नरेंद्र के इनकार करने पर आरोपियों ने कहा कि शिकायत शायद उनके स्टाफ से संबंधित हो सकती है। इसके बाद उन्होंने वॉट्सऐप कॉल पर 50 हजार रुपए की मांग की और तुरंत 5 हजार रुपए ‘पार्टी के इंतजाम’ के नाम पर देने का दबाव बनाया। नरेंद्र ने इनकार किया, तो रात में उन्हें धमकी भरा वीडियो भेजा गया। इसके बाद उन्होंने सेक्टर-50 थाने में शिकायत दर्ज कराई।

क्राइम ब्रांच ने किया गिरफ्तार

मामले की जांच पुलिस कमिश्नर ने सेक्टर-40 क्राइम ब्रांच के इंचार्ज ललित कुमार को सौंपी। टीम ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को सेक्टर-40 की हुडा मार्केट से गिरफ्तार कर लिया।

वारदात में इस्तेमाल की गई मारुति बलेनो भी कब्ज़े में ले ली गई है। आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा और पुलिस रिमांड पर लेकर उनसे अन्य वारदातों के बारे में पूछताछ की जाएगी।


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