क्या न्यू गुरुग्राम में खत्म होगी पानी की किल्लत? GMDA का बड़ा प्लान!

गुरुग्राम में आने वाले समय में पानी की किल्लत बढ़ेगी या लोगों को बड़ी राहत मिलेगी? GMDA ने इसके लिए एक बड़ा प्लान तैयार किया है। शहर में पानी की सप्लाई बढ़ाने के लिए 100 एमएलडी की नई यूनिट लगाई जाएगी। लेकिन इसका सबसे ज्यादा फायदा किन सेक्टरों को मिलने वाला है और इस प्रोजेक्ट को पूरा होने में कितना समय लगेगा? चलिए बताते हैं पूरी खबर।

गुरुग्राम में तेजी से बढ़ती आबादी के साथ पानी की मांग भी बढ़ रही है। खासकर न्यू गुरुग्राम और द्वारका एक्सप्रेसवे के आसपास नए सेक्टरों में बड़ी संख्या में रिहायशी सोसायटियां विकसित हो रही हैं। ऐसे में आने वाले समय में पानी की जरूरत पूरी करने के लिए गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) अपनी जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने जा रहा है।

कहाँ लगेगी 100 एमएलडी की नई यूनिट
GMDA चंदू बुढ़ेड़ा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में 100 एमएलडी क्षमता की छठी ट्रीटमेंट यूनिट स्थापित करेगा। हरियाणा के मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में सोमवार को चंडीगढ़ में हुई हाई पावर वर्क्स परचेज कमेटी की बैठक में इस परियोजना के टेंडर को मंजूरी दे दी गई है। इस नई यूनिट से पानी को साफ करने की क्षमता बढ़ेगी। इसका फायदा द्वारका एक्सप्रेसवे के साथ विकसित हो रहे सेक्टर-81 से 115 और आसपास के रिहायशी इलाकों को मिल सकता है।

नई यूनिट को चंदू बुढ़ेड़ा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट परिसर में 15 एकड़ जमीन पर विकसित किया जाएगा। परियोजना में पानी के भंडारण के लिए क्लियर वाटर रिजर्वायर, कच्चे और साफ पानी की पंपिंग व्यवस्था और गाद को मशीनों से सुखाने की सुविधा भी बनाई जाएगी। इसके अलावा, प्लांट को GMDA के SCADA नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इससे पानी की व्यवस्था की निगरानी और संचालन में मदद मिलेगी। परियोजना का काम आवंटित होने के 24 महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

कितनी है एमएलडी पानी की सप्लाई
फिलहाल गुरुग्राम में चंदू बुढ़ेड़ा और बसई वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से पानी की आपूर्ति की जा रही है।
– चंदू बुढ़ेड़ा प्लांट: करीब 500 एमएलडी पानी प्रतिदिन
– बसई प्लांट: करीब 270 एमएलडी पानी प्रतिदिन
– दोनों प्लांटों से कुल सप्लाई: करीब 770 एमएलडी प्रतिदिन

चंदू बुढ़ेड़ा में नई यूनिट शुरू होने के बाद पानी साफ करने की क्षमता 100 एमएलडी और बढ़ जाएगी। हालांकि, वास्तविक सप्लाई और लोगों को मिलने वाले लाभ का दायरा उपलब्ध पानी और वितरण व्यवस्था पर भी निर्भर करेगा।

जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयारी
GMDA के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीसी मीणा के अनुसार, गुरुग्राम की बढ़ती आबादी को देखते हुए बुनियादी सुविधाओं की क्षमता बढ़ाना जरूरी है। प्राधिकरण वर्ष 2051 तक शहर की पानी की जरूरतों का आकलन भी कर रहा है। नई यूनिट का उद्देश्य मौजूदा इलाकों के साथ-साथ तेजी से विकसित हो रहे नए सेक्टरों की पानी की जरूरतों को पूरा करने की दिशा में व्यवस्था मजबूत करना है।

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