गुरुग्राम शहर की अव्यवस्थाओं को लेकर एक बार फिर संसद में सवाल उठे। लोकसभा सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने गुरुग्राम में हर साल होने वाले जलभराव, गंदगी, टूटी सड़कों और बढ़ते ट्रैफिक जाम जैसे मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाया।


लेकिन आश्चर्य की बात यह रही कि केंद्रीय शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने लिखित जवाब में कहा:
“गुरुग्राम शहर में बुनियादी ढांचे की कोई समस्या नहीं है।”

सरकार का पक्ष: सिर्फ बारिश में जलभराव, बाकी सब दुरुस्त
सरकार ने यह भी बताया कि:
• गुरुग्राम की टोपोग्राफी (भू-आकृति) बहुत अलग है।
• पूर्व दिशा में अरावली की पहाड़ियाँ और उत्तर-पश्चिम में नजफगढ़ का नाला स्थित है।
• दक्षिण-पूर्व दिशा में इन दोनों के बीच करीब 78 वर्ग किमी का क्षेत्र प्राकृतिक ढलान बनाता है।
• इस ढलान के कारण जल निकासी में मदद मिलती है और यही गुरुग्राम के बुनियादी ढांचे को सक्षम बनाता है।
सरकार के अनुसार, भारी बारिश के समय कुछ जगहों पर जलभराव जरूर होता है, लेकिन इसे छोड़कर शहर में कोई “मुख्य समस्या” नहीं है।
