नगर निगम गुरुग्राम की घर-घर से कचरा निस्तारण योजना एक बार फिर संकट में फंस गई है। शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने तकनीकी खामियों के चलते निगम का टेंडर निरस्त कर दिया। यह पिछले डेढ़ साल में पांचवीं बार है जब यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।

लगातार बदलाव और आरएफपी (रिक्वेस्ट फॉर प्रपोज़ल) में खामियों के कारण योजना ठप होती जा रही है। इसका असर शहर की सफाई व्यवस्था पर साफ दिखाई देने लगा है।
वेंडर्स मीट 15 सितंबर को
समस्या का समाधान खोजने के लिए विभाग ने 15 सितंबर को हरियाणा निवास, चंडीगढ़ में “वेंडर्स मीट ऑन सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट” बुलाई है। इस बैठक में न केवल एजेंसियां बल्कि आरडब्ल्यूए, एनजीओ और सहकारी संस्थाएं भी शामिल होंगी। विभाग ने आम नागरिकों से भी सुझाव भेजने की अपील की है।
जुलाई में निकाले थे टेंडर
नगर निगम ने जुलाई में चारों जोनों के लिए अलग-अलग टेंडर जारी किए थे। इसमें जोन-4 में छह एजेंसियों ने आवेदन किया, जबकि बाकी तीन जोनों में 2-3 एजेंसियां ही आगे आईं। लेकिन 12 सितंबर को मुख्यालय ने नया आरएफपी जारी कर पूरी प्रक्रिया रद्द कर दी।
गुरुग्राम-फरीदाबाद के लिए अलग व्यवस्था
अब गुरुग्राम और फरीदाबाद के लिए अलग व्यवस्था तैयार की जाएगी। नगर निगम गुरुग्राम के आयुक्त प्रदीप दहिया ने कहा है कि टेंडर निरस्त कर दिया गया है और शहरवासी 15 सितंबर की बैठक में अपने सुझाव ज़रूर दें।
