पिछले साल नवंबर में पूजा मंडल की सिर काटकर की गई निर्मम हत्या के मामले में नया मोड़ आया है। गुरुग्राम पुलिस ने मुख्य आरोपित मुश्ताक अहमद के साथ-साथ अब उसके पिता अली अहमद और भाई सद्दाम हुसैन को भी गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि इस हत्याकांड में पिता और भाई ने भी सक्रिय रूप से साथ दिया था।

क्या है पूरा मामला?
पूजा मंडल, जो उत्तराखंड के नानकमत्ता की बंगाली कॉलोनी की निवासी थी, दो वर्षों तक मुश्ताक अहमद के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थी। अक्टूबर 2024 में दोनों ने शादी कर ली थी और गुरुग्राम में एक साथ रहने लगे थे।
लेकिन जल्द ही विवाद शुरू हो गए। झगड़े के बाद मुश्ताक अपने पैतृक गांव गोरी खेड़ा (उधमसिंह नगर) चला गया, जहां उसकी दूसरी शादी करा दी गई। इसकी जानकारी जब पूजा को हुई, तो वह भी उसके गांव पहुंच गई, जहां घरवालों से कहासुनी हुई।

साजिश और हत्या की दर्दनाक कहानी
16 नवंबर 2024 को मुश्ताक ने पूजा को घुमाने के बहाने उत्तराखंड के खटीमा क्षेत्र के नदन्ना गांव की ओर ले गया। वहां, पहले से रची गई साजिश के तहत बेडशीट में लपेट कर उसकी हत्या कर दी गई। सिर काटकर धड़ को नहर के पुल के नीचे छिपा दिया गया और सिर को नहर में फेंक दिया।
गुरुग्राम पुलिस की जांच और गिरफ्तारी
- 30 अप्रैल 2025: गुरुग्राम पुलिस ने हत्यारोपी मुश्ताक को गिरफ्तार कर पूजा का शव बरामद किया, लेकिन सिर नहीं मिला।
- पूछताछ में मुश्ताक ने कबूल किया कि हत्या में उसके पिता अली अहमद और भाई सद्दाम भी शामिल थे।
- 14 जुलाई 2025: गुरुग्राम सेक्टर-5 थाना पुलिस ने सद्दाम हुसैन को पीलीभीत (यूपी) से और अली अहमद को उसके घर से गिरफ्तार किया।
वारदात की भयावह सच्चाई
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि जब पूजा नदन्ना पहुंची तो रात के समय हत्या को अंजाम दिया गया।
- सद्दाम हुसैन ने पूजा के हाथ पकड़े, अली अहमद ने पैर थामे और मुश्ताक ने चाकू से गला काट दिया।
- हत्या के बाद शव को छुपा दिया गया और घटना को गुमशुदगी में बदलने की कोशिश की गई।
