रात के सन्नाटे में अचानक पुलिस सायरन, फायर ब्रिगेड की गाड़ियां और गोताखोरों की हलचल… यह कोई हादसा नहीं, बल्कि गुरुग्राम प्रशासन की एक अहम तैयारी थी। नोएडा में डूबने से एक इंजीनियर की मौत के बाद प्रशासन ने संभावित जल दुर्घटनाओं से निपटने के लिए सेक्टर-53 स्थित तालाब पर आधी रात के बाद रेस्क्यू मॉक ड्रिल कराई।

बच्चे के डूबने की सूचना पर अलर्ट हुआ सिस्टम
मॉक ड्रिल के तहत पुलिस को सूचना दी गई कि सेक्टर-53 थाना क्षेत्र में एक 12 वर्षीय बच्चा तालाब में डूब गया है। सूचना मिलते ही पुलिस कंट्रोल रूम ने फायर ब्रिगेड, पुलिस की क्विक रिस्पॉन्स टीम और एसडीआरएफ को अलर्ट किया। सभी टीमें तय समय के भीतर मौके पर पहुंचीं और सर्च व रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। संबंधित तहसीलदार को भी पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया गया।
रात में इसलिए कराई गई मॉक ड्रिल
यह अभ्यास पूरी तरह से पूर्व नियोजित था। अधिकारियों के अनुसार डूबने की अधिकांश घटनाएं रात या तड़के होती हैं, जब दृश्यता बेहद कम होती है। इसी वजह से मॉक ड्रिल रात के समय रखी गई, ताकि वास्तविक परिस्थितियों में टीमों की तैयारियों, समन्वय और संसाधनों की सही जांच हो सके।

डीसीपी ईस्ट ने बताया सफल
डीसीपी ईस्ट गौरव राजपुरोहित ने बताया कि मॉक ड्रिल सफल रही। उन्होंने कहा कि नोएडा की घटना में घना कोहरा और रेस्क्यू में देरी एक बड़ा कारण बनी। गुरुग्राम में इस अभ्यास के जरिए यह परखा गया कि ऐसी स्थिति में रेस्क्यू टीमें कितनी तेजी से प्रतिक्रिया देती हैं। सभी एजेंसियों ने तय प्रक्रिया के अनुसार काम किया और बाद में स्थिति को ‘ऑल क्लियर’ घोषित किया गया।
10–15 मिनट में रेस्क्यू टीम पहुंचाने का लक्ष्य
डीसीपी ने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य है कि डूबने जैसी किसी भी आपदा की सूचना मिलने पर 10 से 15 मिनट के भीतर रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंच जाए। इस मॉक ड्रिल में फायर ब्रिगेड की डाइविंग टीम, पुलिस की क्विक रिस्पॉन्स यूनिट और एसडीआरएफ ने संयुक्त रूप से ऑपरेशन को अंजाम दिया।
रिस्पांस टाइम और उपकरणों की परखी गई क्षमता
अभ्यास के दौरान रिस्पांस टाइम, कम्युनिकेशन सिस्टम और रेस्क्यू उपकरणों की भी गहन जांच की गई। अधिकारियों ने बताया कि गुरुग्राम में तालाबों, नहरों, निर्माण स्थलों के खुले गड्ढों और स्विमिंग पूल में डूबने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जिनमें कई बच्चों और युवाओं की जान गई है।
नागरिकों से अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि रात के समय अंधेरे में जलाशयों के आसपास न जाएं, बच्चों को अकेला न छोड़ें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत 112 या 101 पर कॉल करें। प्रशासन द्वारा आने वाले दिनों में शहर के अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में भी रात्रिकालीन मॉक ड्रिल कराई जाएंगी।
