हरियाणा में हाल के दिनों में बढ़ती आपराधिक घटनाओं पर कड़ा शिकंजा कसने के लिए चल रहे ऑपरेशन ट्रैकडाउन में गुरुग्राम पुलिस सबसे सक्रिय जिलों में से एक बनकर उभरी है। शहर की विभिन्न टीमों ने पिछले एक सप्ताह के भीतर 28 फरार और वांछित आरोपितों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई प्रदेशभर में अपराधियों के खिलाफ चल रहे सबसे बड़े अभियान का हिस्सा है, जिसमें अब तक 183 आरोपित पकड़े जा चुके हैं।

गुरुग्राम पुलिस का फोकस : फरार अपराधी, हिस्ट्रीशीटर्स और मोस्ट-वांटेड पर सीधे वार
गुरुग्राम पुलिस ने ऑपरेशन ट्रैकडाउन के दौरान न केवल 28 आरोपितों को पकड़ा, बल्कि अवैध कब्जे के मामले में पकड़े गए एक आरोपी की हिस्ट्रीशीट भी खोली, जिस पर पहले से कई मुकदमे पाए गए। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह अभियान ऐसे अपराधियों तक पहुंचने के लिए चलाया जा रहा है जो शहर में अपराध को बढ़ावा दे रहे थे और लंबे समय से फरार थे।
पुलिस ने शहर के कई इलाकों—बदरपुर बॉर्डर, नई कॉलोनियां, औद्योगिक क्षेत्रों और हाईवे से सटे पॉइंट्स—पर विशेष नजर रखकर इन आरोपियों को धर दबोचा।
डीजीपी ओपी सिंह के निर्देश पर अभियान तेज
हरियाणा डीजीपी ओपी सिंह द्वारा 5 से 20 नवंबर तक चलाए जा रहे ऑपरेशन ट्रैकडाउन का मकसद हाल की गोलीबारी और गंभीर अपराधों में शामिल मोस्ट-वांटेड और फरार अपराधियों को गिरफ्तार करना है।
8 नवंबर को गुरुग्राम में हुई विशेष समीक्षा बैठक में डीजीपी ने आदेश दिए थे कि:
- बेल पर बाहर घूम रहे अपराधियों की कड़ी निगरानी की जाए
- हिस्ट्रीशीटर्स की लिस्ट अपडेट कर कार्रवाई तेज की जाए
- हर थाना प्रभारी कम से कम 5 मोस्ट-वांटेड अपराधियों को 20 नवंबर तक गिरफ्तार करे
- किसी भी आपराधिक गतिविधि में शामिल व्यक्ति के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए
इस बैठक में गुरुग्राम सहित फरीदाबाद, सोनीपत, रेवाड़ी, नारनौल, पलवल और नूंह के अधिकारी शामिल रहे।
प्रदेशभर में परिणाम : रेवाड़ी अव्वल, गुरुग्राम ने दिखाई तेजी
हालांकि प्रदेश में सबसे ज्यादा गिरफ्तारियां रेवाड़ी (50) में हुई हैं, लेकिन गुरुग्राम की पुलिस ने अपने टारगेट पर बेहद रणनीतिक तरीके से काम करते हुए 28 गिरफ्तारी कर अभियान को गति दी है। इसी संख्या के साथ नूंह और पलवल भी बराबरी पर रहे।
गुरुग्राम के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह अभियान?
गुरुग्राम एक बड़ा कारोबारी, औद्योगिक और कॉरपोरेट हब है। हाल के महीनों में यहां हथियारबंद हमले, जमीन कब्जे के मामले और गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़े अपराध सामने आए हैं। ऑपरेशन ट्रैकडाउन के तहत हुई यह ताबड़तोड़ कार्रवाई:
- शहर में बढ़ते गैंग क्राइम को रोकने
- निवेशकों और नागरिकों में सुरक्षा का विश्वास बढ़ाने
- और लंबे समय से फरार अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ने
में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।
