गुरुवार को गुरुग्राम नगर निगम ने शहर को बेसहारा पशुओं से मुक्त कराने के लिए विशेष अभियान चलाया। निगम की टीमें रोजाना सड़कों से बेसहारा गायों और मवेशियों को पकड़कर गौशालाओं और नंदी शालाओं में भेज रही हैं।
अभियान के तहत अब तक 89 पशु पकड़े जा चुके हैं। इनमें ज्यादातर गायें और बैल शामिल हैं।

डेयरी संचालकों पर भारी जुर्माना
पशुओं को खुले में छोड़ने वाले 10 डेयरी संचालकों पर कुल ₹50,000 का जुर्माना लगाया गया है। वहीं, पकड़े गए पशुओं के मालिकों से ₹37,800 का दंड वसूला गया। कुल जुर्माना राशि ₹87,800 तक पहुंच चुकी है।
पुलिस की मदद से सख्ती
नगर निगम के संयुक्त आयुक्त डॉ. प्रीतपाल सिंह ने बताया कि सड़कों पर घूमते पशु न केवल गंदगी फैलाते हैं, बल्कि ट्रैफिक बाधित करने और हादसों का कारण भी बनते हैं।
“अभियान को तेज करने के लिए पशु पकड़ने वाले वाहनों की संख्या बढ़ाई गई है और जरूरत पड़ने पर पुलिस की मदद ली जा रही है।” — डॉ. प्रीतपाल सिंह
डेयरी संचालकों की नाराजगी
डेयरी संचालकों ने जुर्माने की राशि पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि गौशालाओं में मवेशियों के लिए पर्याप्त जगह और सुविधाएं होनी चाहिए, तभी उन्हें वहां भेजा जाए।
