गुरुग्राम शहर के वाहन चालकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब ट्रैफिक चालान भरने के लिए न तो पुलिस ऑफिस जाना होगा और न ही कोर्ट की लाइन में लगना पड़ेगा। गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस ने डिजिटल सुविधा की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए QR कोड आधारित कियोस्क मशीन लगाने की शुरुआत की है।
पहला कियोस्क एंबियंस मॉल में हुआ इंस्टॉल
ट्रायल प्रोजेक्ट के तहत शहर का पहला कियोस्क गुरुग्राम के सबसे बड़े शॉपिंग डेस्टिनेशन एंबियंस मॉल में लगाया गया है। शनिवार को इसका औपचारिक उद्घाटन डीसीपी ट्रैफिक डॉ. राजेश मोहन करेंगे। इस सुविधा से वाहन चालकों को चालान भरने में समय और परेशानी दोनों से छुटकारा मिलेगा।
आसान और तुरंत भुगतान की सुविधा
कियोस्क मशीन पर वाहन चालक को बस अपना वाहन नंबर या चालान नंबर दर्ज करना होगा। उसके बाद स्क्रीन पर एक QR कोड दिखाई देगा, जिसे स्कैन करके मोबाइल से तुरंत पेमेंट किया जा सकेगा। यह सिस्टम एटीएम की तरह यूजर-फ्रेंडली है और कोई भी आसानी से इस्तेमाल कर सकता है।

24 घंटे उपलब्ध रहेगा कियोस्क
यह कियोस्क 24×7 उपलब्ध रहेगा। यानी अब लोग अपनी सुविधा के अनुसार कभी भी चालान भर सकेंगे। खास बात यह है कि एंबियंस मॉल जैसे भीड़भाड़ वाले स्थान पर यह सेवा उन लोगों के लिए बेहद उपयोगी होगी जो खरीदारी के दौरान ही अपने चालान का भुगतान करना चाहते हैं। हालांकि, जिन चालानों को कोर्ट में भेजा गया है, उन्हें इस मशीन से भुगतान नहीं किया जा सकेगा।
पहले थी लंबी प्रक्रिया, अब मिनटों में निपटेगा काम
पहले चालान भुगतान के लिए लोगों को पुलिस कार्यालय या कोर्ट जाना पड़ता था, जिससे समय और संसाधन दोनों की बर्बादी होती थी। अब यह QR कियोस्क प्रणाली इस झंझट से मुक्ति दिलाएगी। इससे न केवल प्रक्रिया तेज होगी बल्कि पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
सफलता के बाद पूरे शहर में लगेंगे कियोस्क
डीसीपी ट्रैफिक डॉ. राजेश मोहन के अनुसार, अगर यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है, तो शहर के अन्य प्रमुख स्थानों पर भी ऐसे कियोस्क स्थापित किए जाएंगे। यह पहल न केवल ट्रैफिक पुलिस के कार्यभार को घटाएगी बल्कि नागरिकों को डिजिटल और स्मार्ट सुविधा प्रदान करेगी।
यह कदम गुरुग्राम को “स्मार्ट सिटी” की दिशा में एक और बड़ी उपलब्धि की ओर ले जा रहा है, जहां तकनीक के जरिये आम लोगों का जीवन और भी सुगम बनाया जा रहा है।
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