गुरुग्राम। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में बढ़ते वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए हरियाणा सरकार ने पुराने व्यावसायिक वाहनों के मालिकों को बड़ी राहत दी है। परिवहन विभाग ने एक विशेष प्रोत्साहन योजना लागू की है, जिसके तहत पुराने ट्रक और बसों को हटाकर नए या पर्यावरण अनुकूल वाहन खरीदने पर मोटर वाहन कर (Motor Vehicle Tax) में 100 फीसदी तक की छूट मिलेगी।

यह योजना एनसीआर के सभी जिलों में पंजीकृत व्यावसायिक वाहनों पर लागू होगी। सरकार का उद्देश्य पुराने प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को चरणबद्ध तरीके से सड़कों से हटाकर स्वच्छ ईंधन और आधुनिक तकनीक वाले वाहनों को बढ़ावा देना है।
किन वाहन मालिकों को मिलेगा योजना का लाभ?
परिवहन विभाग के अनुसार, एनसीआर जिलों में पंजीकृत बीएस-IV या उससे पुराने उत्सर्जन मानकों वाले ट्रक और बसों के मालिक इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। यदि वे अपने पुराने वाहन की जगह नया बीएस-VI, उससे उन्नत मानक वाला, इलेक्ट्रिक या सीएनजी ट्रक अथवा बस खरीदते हैं, तो उन्हें मोटर वाहन कर में 100 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।
सेकंड हैंड वाहन खरीदने पर भी मिलेगी राहत
सरकार ने सेकंड हैंड व्यावसायिक वाहन खरीदने वालों को भी योजना में शामिल किया है। यदि कोई पात्र लाभार्थी प्रयुक्त (सेकंड हैंड) ट्रक या बस खरीदता है, तो उसे मोटर वाहन कर में 50 प्रतिशत की छूट मिलेगी। यह टैक्स रियायत वाहन के पहले पंजीकरण की तारीख से अगले 10 वर्षों तक प्रभावी रहेगी।
पुराने वाहनों को स्क्रैप कराना होगा अनिवार्य
सहायक जिला परिवहन अधिकारी हरेंद्र वीर ने बताया कि योजना के तहत बीएस-III और उससे पुराने ट्रकों एवं बसों को सरकार द्वारा अधिकृत वाहन स्क्रैपिंग केंद्र में स्क्रैप कराना अनिवार्य होगा।
वहीं बीएस-IV श्रेणी के वाहन मालिकों के पास दो विकल्प होंगे। वे अपने वाहन को अधिकृत स्क्रैपिंग सेंटर में नष्ट करवा सकते हैं या फिर उसे गैर-एनसीआर क्षेत्र में बेच सकते हैं।
पुराने टैक्स बकाया भी किए माफ
परिवहन विभाग ने योजना के तहत एक और बड़ी राहत दी है। एनसीआर जिलों में पंजीकृत पुराने ट्रकों और बसों पर एक वर्ष से अधिक समय से लंबित मोटर वाहन कर (टैक्स) बकाया को भी माफ करने का निर्णय लिया गया है।
सरकार का मानना है कि इस योजना से न केवल प्रदूषण में कमी आएगी, बल्कि परिवहन क्षेत्र में स्वच्छ और आधुनिक वाहनों को बढ़ावा मिलेगा।
