गुरुग्राम के औद्योगिक क्षेत्र मानेसर में वीरवार को हड़ताल ने उग्र रूप ले लिया। धारा 163 लागू होने के बावजूद हजारों की संख्या में कर्मचारी सड़कों पर उतर आए, जिसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। हालात इतने बिगड़ गए कि मौके पर भगदड़ मच गई।

लाठीचार्ज में 20 से ज्यादा कर्मचारी घायल हुए हैं। एक कर्मचारी के सिर पर गंभीर चोट आई, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं एक महिला प्रदर्शनकारी बेहोश हो गई।

लाठीचार्ज के बाद भड़की हिंसा
पुलिस कार्रवाई से नाराज कर्मचारियों ने एक पुलिस बाइक में आग लगा दी और एक गाड़ी पर पथराव कर उसके शीशे तोड़ दिए। कुछ देर के लिए पूरा इलाका तनाव और अफरा-तफरी में डूब गया।

महिलाओं और पुलिस में टकराव
स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब कुछ महिला प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मी की लाठी छीनने की कोशिश की। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई। कई घंटे तक झड़प जारी रही।
सैलरी विवाद से भड़की आग
मामले की जड़ में कंपनियों में वेतन बढ़ाने को लेकर चल रहा विवाद है। हाल ही में होंडा कंपनी में हड़ताल के बाद समझौता हो गया था, लेकिन सत्यम, मुंजाल शोवा, रिको समेत कई कंपनियों के कर्मचारी अब भी हड़ताल पर डटे हुए हैं।

कर्मचारी नेताओं का आरोप है कि कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स को लंबे समय से कम वेतन, ओवरटाइम भुगतान की कमी और असुरक्षित माहौल जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन का पक्ष
पुलिस का कहना है कि इलाके में पहले से धारा 163 लागू थी और प्रदर्शन की अनुमति नहीं थी। इसके बावजूद भीड़ इकट्ठा होने पर हालात काबू करने के लिए कार्रवाई करनी पड़ी।
सरकार ने बढ़ाया वेतन, फिर भी असंतोष
उधर, जिला प्रशासन के अनुसार सरकार ने न्यूनतम वेतन में करीब 35% तक बढ़ोतरी की है, जो 1 अप्रैल से लागू है:
- अकुशल श्रमिक: ₹15,220
- अर्द्धकुशल श्रमिक: ₹16,780
- कुशल श्रमिक: ₹18,500
- उच्च कुशल श्रमिक: ₹19,425
इसके बावजूद कर्मचारी अपनी अन्य मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखे हुए हैं।
फिलहाल, मानेसर में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
