गुरुग्राम की महिलाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। जिले में जल्द ही ‘पिंक कैब योजना’ शुरू होने जा रही है, जिसके तहत 10 हजार से अधिक महिलाओं को ट्रेनिंग देकर उन्हें अपना खुद का रोजगार शुरू करने का मौका मिलेगा।

इस योजना के जरिए महिलाओं को इलेक्ट्रिक कैब (ई-कैब) चलाने की ट्रेनिंग दी जाएगी। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद उन्हें कैब खरीदने के लिए 10 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त लोन दिया जाएगा।
क्या है पिंक कैब योजना?
‘पिंक कैब योजना’ महिलाओं को ड्राइवर बनाकर उन्हें सीधे रोजगार से जोड़ने की पहल है। इसका मकसद है कि महिलाएं खुद गाड़ी चलाकर कमाई करें और आर्थिक रूप से मजबूत बनें।
लोन और सुविधाएं
योजना के तहत महिलाओं को कई वित्तीय सुविधाएं दी जाएंगी:
- 10 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण
- 5 लाख रुपये तक क्रेडिट गारंटी
- 3 लाख रुपये तक ब्याज में छूट
- बैंकों से आसान फाइनेंस सुविधा
बैंकों को सख्त निर्देश
एडीसी सोनू भट्ट ने सभी बैंकों को इस योजना को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। जिला अग्रणी प्रबंधक विनोद कुमार बजाज ने बताया कि बैंक महिलाओं को लोन देने में पूरी मदद करेंगे।
महिलाओं को मिलेगा पूरा सपोर्ट
इस योजना में महिलाओं को सिर्फ ट्रेनिंग ही नहीं बल्कि:
- ड्राइविंग स्किल डेवलपमेंट
- इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने में मदद
- सुरक्षित कैब सर्विस से जोड़ना
- तकनीकी और वित्तीय सहायता
भी दी जाएगी।
‘लखपति दीदी’ योजना से जुड़ाव
इस पहल को केंद्र सरकार की ‘लखपति दीदी’ योजना से जोड़ा गया है, ताकि महिलाओं को नियमित और स्थायी आय का स्रोत मिल सके।
लक्ष्य: 1 साल में 10 हजार महिलाएं
प्रशासन का लक्ष्य है कि एक साल के भीतर 10 हजार महिलाओं को इस योजना से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाए। खासतौर पर स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ी महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
