यशोभूमि से इफ्को चौक तक मेट्रो लाइन की रेस, अंडर ग्राउंड या एलिवेटेड कॉरिडोर?

गुरुग्राम और द्वारका को जोड़ने वाली एक नई मेट्रो लाइन को लेकर दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) और हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (HMRTC) के बीच दो अलग-अलग प्रस्तावों पर विचार किया जा रहा है। दोनों परियोजनाओं को लेकर राज्य सरकार स्तर पर मंथन तेज हो गया है और जल्द ही अंतिम फैसला होने की उम्मीद है।

DMRC ने एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन के यशोभूमि मेट्रो स्टेशन से इफ्को चौक तक पूरी तरह भूमिगत मेट्रो कॉरिडोर का प्रस्ताव रखा है। DMRC द्वारा किए गए ट्रैफिक स्टडी के अनुसार, यह लाइन वर्ष 2031 तक प्रतिदिन एक लाख से अधिक यात्रियों को सेवा दे सकती है। अनुमान है कि 2041 में यात्रियों की संख्या 1.5 लाख और 2051 तक करीब 1.77 लाख हो जाएगी।

DMRC का मानना है कि भूमिगत मेट्रो बनने से येलो लाइन पर दबाव कम होगा और बड़ी संख्या में लोग निजी वाहनों, खासकर कारों की बजाय मेट्रो का इस्तेमाल करेंगे।

भूमिगत कॉरिडोर का रूट

DMRC की योजना के मुताबिक यह मेट्रो लाइन यशोभूमि से शुरू होकर द्वारका एक्सप्रेसवे के नीचे से गुजरेगी, टोल प्लाजा पार करेगी और सेक्टर-22 स्थित ताऊ देवी लाल पार्क तक पहुंचेगी। यहां यह आगामी ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो लाइन से जुड़ेगी। इसके बाद यह राष्ट्रीय राजमार्ग पार कर इफ्को चौक मेट्रो स्टेशन के सामने समाप्त होगी। इस भूमिगत लाइन की कुल लंबाई करीब 11.63 किलोमीटर होगी।

HMRTC का एलिवेटेड विकल्प

दूसरी ओर HMRTC ने पालम विहार से रेजांगला चौक तक एक 8.4 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड मेट्रो कॉरिडोर प्रस्तावित किया है। इस रूट पर द्वारका सेक्टर-21 और पालम विहार के रेजांगला चौक पर इंटरचेंज स्टेशन होंगे, जहां से यह प्रस्तावित हुडा सिटी सेंटर–साइबर सिटी मेट्रो लाइन से जुड़ेगी।

इस एलिवेटेड कॉरिडोर में चोमा गांव, सेक्टर 110A, सेक्टर 111, द्वारका सेक्टर 28 और IECC जैसे इलाके शामिल होंगे।

एलिवेटेड कॉरिडोर में ज्यादा यात्री?

जुलाई 2022 में RITES द्वारा किए गए एक अध्ययन में एलिवेटेड मेट्रो लाइन के लिए कहीं ज्यादा यात्रियों का अनुमान लगाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2031 में इस लाइन से 2 लाख से अधिक, 2041 में करीब 3 लाख और 2051 तक 4 लाख से ज्यादा यात्री सफर कर सकते हैं।

जल्द होगा फैसला

मामले से जुड़े एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के अनुसार, दोनों प्रस्ताव फिलहाल राज्य सरकार और HMRTC के पास विचाराधीन हैं। यात्रियों की संख्या, लागत और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए जल्द ही किसी एक योजना पर अंतिम मुहर लग सकती है।






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