हरियाणा महिला आयोग ने फर्जी दुष्कर्म और यौन शोषण के मामलों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया ने साफ कहा है कि झूठे मामलों के कारण निर्दोष लोगों की सामाजिक छवि खराब होती है और इससे वास्तविक पीड़ित महिलाओं को न्याय मिलने में भी बाधा आती है। ऐसे मामलों पर अब आयोग सख्ती से कार्रवाई करेगा।

गुरुग्राम दौरे पर आयोग की चेयरपर्सन
रेनू भाटिया इन दिनों गुरुग्राम के दो दिवसीय दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने महिला आयोग से जुड़े मामलों की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि फर्जी शिकायतों की पहचान कर उन पर प्रभावी रोक लगाई जाए।
उन्होंने कहा कि महिला आयोग महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों के लिए काम करता है, लेकिन आयोग के मंच का दुरुपयोग किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
फर्जी मामलों से निर्दोषों को भारी नुकसान
चेयरपर्सन ने मेकअप आर्टिस्ट और टेलर से जुड़े एक फर्जी यौन शोषण मामले का जिक्र करते हुए कहा कि बिना पुख्ता सबूत लगाए गए आरोपों से संबंधित लोगों को मानसिक, सामाजिक और आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा।
उन्होंने बताया कि बाद में सच्चाई सामने आने के बावजूद आरोपी की छवि पूरी तरह से साफ नहीं हो पाती, जो बेहद चिंताजनक है।
हर शिकायत की होगी गहन जांच
रेनू भाटिया ने स्पष्ट किया कि अब महिला आयोग में दर्ज होने वाली हर शिकायत की गहन जांच की जाएगी। यदि कोई महिला या युवती जानबूझकर झूठी शिकायत दर्ज कराती पाई जाती है, तो उसके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की सिफारिश की जाएगी।
उन्होंने कहा कि इस कदम का उद्देश्य महिलाओं को डराना नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था की विश्वसनीयता बनाए रखना और वास्तविक पीड़ितों को न्याय दिलाना है।
