गुरुग्राम। असली सोने जैसी चमक और भरोसे की बातों के जाल में फंसाकर लोगों से ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय ठग को गुरुग्राम क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान भगवान दास के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के विंध्याचल क्षेत्र का निवासी है। पुलिस ने उसे इफ्को चौक के नजदीक से दबोचा।

सस्ते सोने का लालच, 40 हजार की चपत
मामले की शुरुआत 10 जनवरी 2025 को हुई थी। गांव भांगरौला निवासी रामानंद को एक युवक ने सस्ते दाम पर सोना बेचने की पेशकश की। भरोसा जीतने के बाद आरोपी ने 40 हजार रुपये ले लिए और बदले में सोने जैसी दिखने वाली धातु थमा दी। बाद में जांच करने पर वह सोना नकली निकला।
क्राइम ब्रांच ने बिछाया जाल
शिकायत मिलने के बाद थाना खेड़की दौला में केस दर्ज हुआ और जांच क्राइम ब्रांच सेक्टर 43 को सौंपी गई। पीएसआई सचिन के नेतृत्व में टीम ने तकनीकी और मुखबिर तंत्र के जरिए आरोपी की लोकेशन ट्रेस की और इफ्को चौक के पास से उसे काबू कर लिया।
दो दर्जन से ज्यादा केस, पुराना खिलाड़ी
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि भगवान दास कोई नया अपराधी नहीं है। वह पहले से ही हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश के थाना विंध्याचल में लगभग दो दर्जन आपराधिक मामले दर्ज हैं। आरोपी लंबे समय से अलग-अलग राज्यों में इसी तरह की ठगी को अंजाम दे रहा था।
600 ग्राम ‘प्लासा गोली’ बरामद
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से 6 प्लासा गोली बरामद की हैं, जिनका कुल वजन करीब 600 ग्राम है। ये नकली सोना इस कदर असली जैसा दिखता है कि सामान्य व्यक्ति आसानी से धोखा खा सकता है। इसके अलावा ठगी के 40 हजार रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं।
गांव और छोटे शहर बने निशाना
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह गैंग खासतौर पर ग्रामीण इलाकों और छोटे कस्बों में सक्रिय रहता था, जहां लोग सस्ते सोने या अचानक मिली “सोने की चीज” के झांसे में जल्दी आ जाते हैं। इसी कमजोरी का फायदा उठाकर आरोपी वारदात को अंजाम देते थे।
साथियों की तलाश जारी
आरोपी को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है। क्राइम ब्रांच अब गैंग से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है। आरोपी तक पहुंचने में सिपाही अजित की अहम भूमिका रही, जिनकी सूचना से पूरी कार्रवाई संभव हो सकी।
