गुरुग्राम में अदालत को गुमराह कर फर्जी जमानती दस्तावेज पेश करने का गंभीर मामला सामने आया है। इस मामले में गुरुग्राम पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई माननीय अदालत के आदेश पर दर्ज शिकायत के बाद की गई।

ऐसे सामने आया मामला
अदालत में पेश शिकायत के अनुसार, एक विदेशी आरोपी को जमानत दिलाने के लिए दो व्यक्तियों के नाम पर जाली जमानती बॉन्ड दाखिल किए गए थे। जब अदालत ने सत्यापन के लिए संबंधित व्यक्तियों को तलब किया, तो उन्होंने साफ कहा कि उन्होंने न तो किसी विदेशी आरोपी की जमानत ली है और न ही किसी जमानती दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए हैं।
इसके बाद अदालत ने मामले को गंभीर मानते हुए पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए।
शिवाजी नगर थाने में केस दर्ज
मामले में थाना शिवाजी नगर थाना में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। जांच क्राइम ब्रांच सिकंदरपुर को सौंपी गई।
जांच के दौरान पुलिस ने 28 फरवरी को गुरुग्राम से आरोपी अनिल को गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान फरीदाबाद के एसी नगर निवासी अनिल के रूप में हुई है।
पूछताछ में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर थाना डीएलएफ फेज-1 थाना में दर्ज एक अन्य मामले में एक नाइजीरियाई आरोपी को फर्जी तरीके से जमानत दिलवाई थी।
आरोपी ने किसी अन्य व्यक्ति के आधार कार्ड पर अपनी फोटो लगाकर जमानती दस्तावेज तैयार किए और उन्हें अदालत में पेश किया। इस तरह न्यायिक प्रक्रिया के साथ धोखाधड़ी की गई।
पहले से दर्ज है धोखाधड़ी का केस
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी से संबंधित एक अन्य मामला पहले से गुरुग्राम में दर्ज है। पुलिस अब इस फर्जीवाड़े में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।
पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि आरोपी को अदालत में पेश कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
न्यायिक प्रक्रिया में इस तरह की धोखाधड़ी ने सुरक्षा और सत्यापन प्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है।
