गुरुग्राम: गलत चालान और दुर्व्यवहार का आरोप, रिटायर्ड मेजर ने पुलिस कमिश्नर से लगाई गुहार

गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस पर गलत चालान काटने और दुर्व्यवहार करने के गंभीर आरोप लगे हैं। एक रिटायर्ड सैन्य अधिकारी ने पुलिसकर्मियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए पुलिस कमिश्नर को शिकायत सौंपी है। मामले को लेकर पूर्व सैनिकों में भी नाराजगी देखने को मिली।

मंगलवार को रिटायर्ड मेजर हिमेंद्र सिंह कई पूर्व सैनिकों के साथ पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की लिखित शिकायत दी। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने न केवल उनके साथ अभद्र व्यवहार किया, बल्कि सेना को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं।

पत्नी और बेटियों के साथ सफर के दौरान रोका गया
मेजर हिमेंद्र सिंह के अनुसार, घटना उस समय की है जब वह अपनी पत्नी और दो नाबालिग बेटियों के साथ यात्रा कर रहे थे। इसी दौरान ट्रैफिक पुलिस ने उन्हें रोक लिया और शराब पीकर वाहन चलाने का आरोप लगाते हुए चालान कर दिया।

उन्होंने दावा किया कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें और उनके परिवार को करीब दो घंटे तक सड़क पर रोके रखा, जिससे परिवार को मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा।

पुरानी स्ट्रॉ से जांच करने का आरोप
रिटायर्ड मेजर ने आरोप लगाया कि ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट के दौरान उन्हें पहले से इस्तेमाल की गई स्ट्रॉ दी गई, जिसके कारण मशीन में गलत रीडिंग दिखाई दी। उनकी पत्नी ने जब नई स्ट्रॉ से दोबारा जांच कराने की मांग की, तो दूसरी बार रीडिंग सामान्य आई।

मेजर का कहना है कि इसके बावजूद पुलिसकर्मियों ने उनका चालान काट दिया।

‘तुम्हारी अफसरगिरी निकाल दूंगा’ कहने का आरोप
शिकायत में मेजर हिमेंद्र सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने खुद को पूर्व सैन्य अधिकारी बताया, तो एक पुलिसकर्मी ने कथित रूप से कहा, “तुम्हारी अफसरगिरी निकाल दूंगा।”

उन्होंने कहा कि इस तरह की टिप्पणी न केवल उनके सम्मान के खिलाफ है, बल्कि सेना और पूर्व सैनिकों के प्रति भी असम्मानजनक है।

पुलिस कमिश्नर ने निष्पक्ष जांच का दिया भरोसा
मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस कमिश्नर ने पूर्व सैनिकों के प्रतिनिधिमंडल को निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

मेजर हिमेंद्र सिंह ने मीडिया से बातचीत में बताया कि पुलिस कमिश्नर ने उनकी शिकायत को ध्यान से सुना और मामले की जांच कराने का भरोसा दिया। साथ ही, गलत तरीके से किए गए चालान की समीक्षा और दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की बात भी कही।

पुलिसकर्मियों के व्यवहार में सुधार की तैयारी
पुलिस कमिश्नर ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पुलिसकर्मियों को व्यवहार संबंधी विशेष प्रशिक्षण देने का भी आश्वासन दिया है। उनका कहना है कि किसी भी नागरिक के साथ अनुचित व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

अब इस मामले की जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि शिकायत में लगाए गए आरोप कितने सही हैं और पुलिस विभाग क्या कार्रवाई करता है।

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