गुरुग्राम में सड़कों की हालत, धूल और ट्रैफिक जाम की समस्या को देखते हुए नगर निगम ने बड़ा प्लान तैयार किया है। शहर की करीब 400 किलोमीटर सड़कों को दोबारा विकसित किया जाएगा, जिस पर लगभग 285 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस योजना का मकसद सड़कों को बेहतर बनाना ही नहीं, बल्कि उन्हें धूल-मुक्त और ट्रैफिक के लिहाज से ज्यादा व्यवस्थित करना है।

नगर निगम के अनुसार, सड़कों को सिंगापुर मॉडल के आधार पर विकसित किया जाएगा। यानी सड़क किनारे हरियाली बढ़ाई जाएगी, नियमित मशीनी सफाई होगी और पानी निकासी की मजबूत व्यवस्था बनाई जाएगी, ताकि बरसात में जलभराव की समस्या न हो।
इस योजना में पैदल चलने वालों और साइकिल चालकों के लिए अलग लेन बनाने का भी प्रावधान है। इसके साथ ही अवैध पार्किंग पर लगाम लगाने के लिए निर्धारित पार्किंग स्पेस विकसित किए जाएंगे, जिससे जाम की समस्या कम हो सके।
शहर के कई प्रमुख मार्गों को मॉडल रोड के रूप में तैयार किया जाएगा। इनमें बस स्टैंड क्षेत्र, सेक्टर-10, पटौदी रोड, सोहना रोड, गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन और खेड़की दौला शामिल हैं। इसके अलावा दिल्ली सीमा से जुड़े सेक्टर-39, 32, पालम विहार, नाथूपुर और सेक्टर-21 जैसे इलाकों में भी काम किया जाएगा।
नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया का कहना है कि 400 किलोमीटर सड़कों के पुनर्निर्माण की योजना तैयार कर ली गई है और कई स्थानों पर काम शुरू हो चुका है। उनका कहना है कि प्राथमिकता सड़कों को धूल-मुक्त बनाने पर है।
वहीं, हरियाणा के उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि बिल्डर एरिया में सड़कों की समस्या को लेकर सरकार गंभीर है। जहां भी सड़क बाधित है, उसे प्राथमिकता के आधार पर खोला जाएगा।
हाल ही में सेक्टर-65 में सड़क बंद होने से हजारों लोग प्रभावित हुए थे। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद सड़क को दोबारा खोल दिया गया, लेकिन गड्ढों की समस्या अब भी बनी हुई है।
इस पूरी योजना का असर आने वाले समय में शहर की ट्रैफिक व्यवस्था, प्रदूषण स्तर और लोगों की रोजमर्रा की आवाजाही पर साफ तौर पर दिखाई दे सकता है।
