गुरुग्राम: नगर निगम जल्द ही भवनों के नक्शे पास करने की प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए अपना खुद का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित पोर्टल लॉन्च करने जा रहा है। इस पोर्टल की मदद से नक्शों और दस्तावेजों की जांच पूरी तरह तकनीकी तरीके से की जाएगी, जिससे प्रक्रिया में तेजी आएगी और मानवीय हस्तक्षेप लगभग समाप्त हो जाएगा।

एआई करेगा दस्तावेजों की जांच
नए पोर्टल की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि आवेदन आते ही एआई सिस्टम अपने आप अपलोड किए गए सभी दस्तावेजों की जांच करेगा। साथ ही, भवन के नक्शे को हरियाणा बिल्डिंग कोड के नियमों के अनुसार बारीकी से परखा जाएगा।
अगर नक्शे में कोई कमी या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो एआई तुरंत उसकी पहचान कर एक रिपोर्ट तैयार करेगा, जिसे अधिकारियों को भेजा जाएगा। इसके आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।

कम होगी अधिकारियों की दखलंदाजी
इस नई व्यवस्था में अधिकारियों की भूमिका केवल अंतिम निर्णय तक सीमित रहेगी। एआई द्वारा तैयार रिपोर्ट के आधार पर ही नक्शा पास या रद्द किया जाएगा। नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया के अनुसार, इस पोर्टल को विकसित करने पर काम तेजी से चल रहा है और इसे जल्द शुरू करने की योजना है।
मौजूदा व्यवस्था से लोग परेशान
वर्तमान में भवन नक्शा पास करने की प्रक्रिया शहरी स्थानीय विकास विभाग के HOPE पोर्टल के माध्यम से होती है, जो पिछले करीब छह महीनों से तकनीकी समस्याओं के कारण ठप पड़ा है।
इस वजह से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और फिलहाल नगर निगम को अस्थायी रूप से ‘सरल’ पोर्टल के जरिए आवेदन लेने पड़ रहे हैं।
अवैध निर्माण की बढ़ती समस्या
जटिल और लंबी प्रक्रिया के कारण लोग नक्शा पास कराने से बचते हैं। यही कारण है कि जहां सालभर में करीब 500 आवेदन ही आते हैं, वहीं हर साल 5,000 से ज्यादा अवैध भवनों का निर्माण हो रहा है।
नगर निगम को उम्मीद है कि एआई आधारित नया पोर्टल लागू होने के बाद प्रक्रिया सरल, तेज और पारदर्शी बनेगी, जिससे लोग खुद आगे आकर अपने भवनों के नक्शे पास करवाएंगे और अवैध निर्माण पर भी लगाम लगेगी।
