दिल्ली से गुरुग्राम जाने में लगने वाला 2 घंटे का लंबा सफर अब इतिहास बन सकता है। केंद्र सरकार एक ऐसा हाई-इम्पैक्ट प्रोजेक्ट लाने जा रही है, जो इस दूरी को घटाकर सिर्फ 25–30 मिनट में बदल देगा।

यह बदलाव आएगा AIIMS Delhi से गुरुग्राम तक बनने वाले नए एलिवेटेड एक्सप्रेसवे से—जो पूरी तरह जमीन के ऊपर तैयार किया जाएगा।
क्यों नहीं बनेगा अंडरग्राउंड?
इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खास बात यही है कि इसे पूरी तरह एलिवेटेड बनाया जाएगा।
रिपोर्ट साफ कहती है—एम्स से Mahipalpur के बीच कहीं भी अंडरग्राउंड रूट संभव नहीं है।
कारण?
- नीचे पहले से मेट्रो लाइन
- भारी यूटिलिटी नेटवर्क
- शिफ्टिंग में भारी लागत और देरी
सरकार नहीं चाहती कि प्रोजेक्ट तकनीकी उलझनों में फंस जाए—इसलिए सीधा रास्ता चुना गया: ऊपर से एक्सप्रेसवे।
दो हिस्सों में बनेगा मेगा प्रोजेक्ट
इस 35 किमी लंबे एक्सप्रेसवे को दो चरणों में तैयार किया जाएगा:
- पहला: एम्स से महिपालपुर
- दूसरा: महिपालपुर से Ghatta Village (गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड)
सबसे बड़ा असर कहां दिखेगा?
आज की सबसे बड़ी समस्या—जाम।
- Dhaula Kuan से महिपालपुर तक लंबी कतारें
- Sirhaul Border पर रोजाना ट्रैफिक का दबाव
- एयरपोर्ट और वीवीआईपी मूवमेंट से रुकता ट्रैफिक
नया एक्सप्रेसवे इन तीनों पर सीधा वार करेगा।
