हरियाणा की साइबर सिटी गुरुग्राम में बुधवार को एक ऐतिहासिक पल देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में राज्य कैबिनेट की बैठक आयोजित की गई। यह पहली बार है जब प्रदेश सरकार की कैबिनेट मीटिंग चंडीगढ़ से बाहर गुरुग्राम में हुई।

बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि हरियाणा विधानसभा का एकदिवसीय विशेष सत्र 27 अप्रैल को बुलाया जाएगा, जिसमें सरकार ‘हरियाणा क्लेरीकल बिल 2026’ पेश करेगी।
विपक्ष पर सीधा हमला: “नारी का अपमान किया”
सीएम सैनी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि इस बिल का विरोध कर विपक्षी दलों ने महिलाओं का अपमान किया है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने महिलाओं को मजबूत बनाने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं, लेकिन विपक्ष ने इस मुद्दे को राजनीति में घसीट दिया।
“ऐसे गठबंधन को भगवान भी माफ नहीं करेंगे”
सीएम ने कड़े शब्दों में कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने के प्रयासों का विरोध करने वालों को जनता जवाब देगी। उन्होंने कहा:
“नारी शक्ति का मजाक उड़ाने वाले गठबंधन को भगवान भी माफ नहीं करेंगे।”
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पानीपत की धरती से ‘बेटी बचाओ’ का संदेश दिया गया था, जिसने हरियाणा की एक बड़ी सामाजिक समस्या को बदलने में अहम भूमिका निभाई।
गुरुग्राम में क्यों हुई मीटिंग?
आमतौर पर कैबिनेट बैठकें चंडीगढ़ में होती हैं, लेकिन इस बार गुरुग्राम को चुना गया। इसके पीछे सरकार का फोकस निवेश और उद्योग को बढ़ावा देना बताया जा रहा है।
दिल्ली में उद्यमियों के साथ प्रस्तावित बैठक को देखते हुए यह फैसला लिया गया।
हाई सिक्योरिटी और ट्रैफिक अलर्ट
कैबिनेट मीटिंग को लेकर शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए:
- पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस और आसपास भारी पुलिस तैनाती
- ट्रैफिक को मैनेज करने के लिए स्पेशल प्लान
- संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त निगरानी
क्या है बड़ा संदेश?
- गुरुग्राम को पॉलिटिकल और इकोनॉमिक हब बनाने की कोशिश
- 27 अप्रैल का सत्र राजनीतिक रूप से अहम
- क्लेरीकल बिल 2026 पर सबकी नजर
