गुरुग्राम के गढ़ी हरसरू रेलवे स्टेशन पर गुरुवार को एक दर्दनाक हादसे ने सभी को झकझोर कर रख दिया। टिकट लेने के लिए रेलवे ट्रैक पार कर रही मां और बेटी तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आ गईं। हादसा इतना भयानक था कि दोनों के शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गए और ट्रेन उन्हें करीब 200 मीटर तक घसीटती हुई ले गई।

हादसे के बाद स्टेशन पर चीख-पुकार मच गई। मौके पर मौजूद लोग सदमे में आ गए। सूचना मिलते ही जीआरपी और रेलवे अधिकारी मौके पर पहुंचे।
जयपुर जाने के लिए निकला था परिवार
मृतकों की पहचान अलियार ढाणा गांव निवासी ममता (40) और उनकी मां मधुबाला (65) के रूप में हुई है।
परिजनों के मुताबिक पूरा परिवार जयपुर जाने के लिए स्टेशन पहुंचा था। ममता और मधुबाला परिवार के अन्य सदस्यों से आगे चल रही थीं। टिकट लेने के लिए दोनों रेलवे ट्रैक पार करने लगीं।
एक ट्रेन से बचने की कोशिश में हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उसी समय एक ट्रैक पर बीकानेर से दिल्ली सराय रोहिला जा रही सुपरफास्ट ट्रेन आ रही थी, जबकि दूसरे ट्रैक पर रेवाड़ी की तरफ से भी ट्रेन पहुंच रही थी।
रेवाड़ी की ओर से आती ट्रेन को देखकर दोनों महिलाएं घबराकर एक ट्रैक पर रुक गईं। लेकिन उन्हें अंदाजा नहीं था कि उसी ट्रैक पर तेज रफ्तार सुपरफास्ट ट्रेन आ रही है। कुछ ही सेकेंड में ट्रेन ने दोनों को अपनी चपेट में ले लिया।
ट्रेन की रफ्तार इतनी तेज थी कि…
जांच अधिकारी बाबूलाल ने बताया कि ट्रेन की स्पीड काफी ज्यादा थी। टक्कर इतनी भीषण थी कि मां-बेटी के शव कई हिस्सों में बंट गए। जीआरपी जवानों ने ट्रैक पर बिखरे शवों के अंगों को इकट्ठा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
पुलिस ने प्राथमिक जांच में ट्रैक पार करते समय हादसा होने की बात कही है। पूरे मामले की जांच की जा रही है।
स्टेशन पर पसरा मातम
घटना के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। स्टेशन पर मौजूद यात्रियों ने बताया कि हादसा इतना भयावह था कि लोग कुछ देर तक समझ ही नहीं पाए कि क्या हुआ।
रेलवे पुलिस ने लोगों से अपील की है कि रेलवे ट्रैक पार करने की बजाय फुटओवर ब्रिज और निर्धारित रास्तों का इस्तेमाल करें, ताकि इस तरह के हादसों से बचा जा सके।
