गुरुग्राम के कासन गांव में हुए चर्चित सुंदर हत्याकांड में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों पर हत्या में इस्तेमाल किए गए अवैध हथियार उपलब्ध कराने का आरोप है। इस मामले में अब तक कुल चार आरोपी पुलिस गिरफ्त में आ चुके हैं। पुलिस जांच में हत्या के पीछे पुरानी रंजिश सामने आई है।

चबूतरे पर बैठे सुंदर पर बरसाई गोलियां
30 अप्रैल की सुबह 55 वर्षीय सुंदर गांव में मोनी बाबा के चबूतरे पर बैठा हुआ था। इसी दौरान गांव के ही रोहन और गुलशन उर्फ गुल्लू वहां पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों आरोपी अपने साथ देसी पिस्तौल और देसी कट्टा लेकर आए थे।
कुछ ही पलों में आरोपियों ने सुंदर पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। गोली लगते ही सुंदर जमीन पर गिर पड़ा और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
हथियार मौके पर छोड़कर भागे आरोपी
फायरिंग की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके की ओर दौड़े, जिसके बाद आरोपी हथियार वहीं छोड़कर फरार हो गए। गंभीर रूप से घायल सुंदर को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद मृतक की पत्नी की शिकायत पर थाना IMT Manesar सेक्टर-7 में हत्या समेत कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया। पुलिस ने घटनास्थल से एक देसी कट्टा और एक देसी पिस्तौल भी बरामद की थी।
पुरानी दुश्मनी में रची गई हत्या की साजिश
जांच के दौरान सेक्टर-10 क्राइम ब्रांच ने 4 मई को गुलशन उर्फ गुल्लू और कार्तिक चौहान उर्फ छोटा रोहन को गिरफ्तार किया। पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि साल 2018 में सुंदर ने कार्तिक के पिता बहादुर की हत्या की थी।
उसी मामले में सुंदर आजीवन कारावास की सजा काट रहा था। हाल ही में वह अपनी बेटी की शादी के चलते पैरोल पर गांव आया था। पुलिस के मुताबिक इसी पुरानी रंजिश का बदला लेने के लिए कार्तिक और गुलशन ने मिलकर हत्या की साजिश रची।
अवैध हथियार सप्लाई करने वाले भी गिरफ्तार
मामले की जांच आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने 8 मई को खांडसा निवासी हंस राघव और आशू राघव को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या में इस्तेमाल किए गए अवैध हथियार इन्हीं दोनों ने उपलब्ध कराए थे।
फिलहाल पुलिस चारों आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में और भी अहम खुलासे हो सकते हैं।
