चंडीगढ़ में केमिस्ट स्टोर के कैशियर जानकी दास की हत्या के विरोध की गूंज अब गुरुग्राम तक पहुंच गई है। घटना के खिलाफ रोष जताते हुए सोमवार को शहर के दवा व्यापारियों ने काला दिवस मनाया। गुरुग्राम केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर मेडिकल स्टोर संचालक और कर्मचारी काले कपड़े पहनकर तथा काली पट्टी बांधकर काम कर रहे हैं। इस अनोखे विरोध प्रदर्शन के जरिए दवा व्यापारियों ने सरकार और प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग उठाई है।

एसोसिएशन के अध्यक्ष शरद मल्होत्रा ने कहा कि चंडीगढ़ में हुई यह घटना पूरे दवा व्यापारी समुदाय के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि जानकी दास की हत्या ने केमिस्टों और उनके कर्मचारियों के बीच भय और असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है।
आम जनता को नहीं होगी परेशानी
विरोध प्रदर्शन के बावजूद गुरुग्राम के सभी मेडिकल स्टोर खुले रहेंगे। एसोसिएशन का कहना है कि मरीजों और आम लोगों को दवाइयों के लिए किसी तरह की परेशानी न हो, इसलिए दुकानें बंद नहीं की गई हैं। हालांकि सभी दुकानदार और कर्मचारी काली पोशाक पहनकर अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं।

सुरक्षा बढ़ाने की उठाई मांग
दवा व्यापारियों का कहना है कि मेडिकल स्टोर अक्सर देर रात तक खुले रहते हैं, जिसके कारण वे अपराधियों के आसान निशाने पर आ जाते हैं। उन्होंने सरकार और पुलिस प्रशासन से बाजारों में पुलिस गश्त बढ़ाने, सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने और केमिस्टों की सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था करने की मांग की है।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
एसोसिएशन ने जानकी दास के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और सख्त सजा की मांग की है। पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि दवा व्यापारियों की सुरक्षा को लेकर जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन को और व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा।
