हरियाणा में पिछले एक दशक के दौरान अवैध कॉलोनियों का ऐसा जाल बिछा कि हजारों परिवारों ने अपनी जीवनभर की कमाई इन बस्तियों में लगा दी। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब ये कॉलोनियां बस रही थीं, तब जिम्मेदार विभाग आखिर कहां थे?

अब सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला देकर प्रशासन अवैध कॉलोनियों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी में जुट गया है। फरीदाबाद में जीवन नगर पार्ट-2 और दीपावली एंक्लेव समेत 10 कॉलोनियों को तोड़ने के नोटिस जारी किए जा चुके हैं। ऐसे में हजारों परिवारों के सामने अपने आशियाने को बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है।
फरीदाबाद बना अवैध कॉलोनियों की राजधानी
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देश पर राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) द्वारा तैयार रिपोर्ट में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार दक्षिण हरियाणा के सात जिलों में 2600 से अधिक अवैध कॉलोनियां विकसित हुई हैं।
इनमें सबसे अधिक 1017 अवैध कॉलोनियां फरीदाबाद में पाई गई हैं, जबकि गुरुग्राम में करीब 900 कॉलोनियां चिन्हित की गई हैं।
ग्रेटर फरीदाबाद क्षेत्र में ही लगभग 500 अवैध कॉलोनियां विकसित हुईं। इसके अलावा पृथला, पल्ला, सेहतपुर, अगवानपुर, टिकावली, वजीरपुर और आसपास के क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में अवैध प्लॉटिंग की गई।
बड़ा सवाल: कॉलोनियां बसती रहीं, अधिकारी क्या करते रहे?
नियमों के अनुसार अवैध कॉलोनियों को रोकने की जिम्मेदारी जिला नगर एवं ग्राम योजनाकार (DTCP) और नगर निगम प्रशासन की होती है। लेकिन वर्षों तक कॉलोनियां विकसित होती रहीं, प्लॉट बिकते रहे, मकान बनते रहे और संबंधित विभाग कार्रवाई करने के बजाय मूकदर्शक बने रहे।
अब जब हजारों लोग इन कॉलोनियों में बस चुके हैं, तब प्रशासन बुलडोजर कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई होती तो वे अपनी मेहनत की कमाई ऐसी कॉलोनियों में निवेश नहीं करते।
गुरुग्राम में शुरू हुई कार्रवाई
इधर गुरुग्राम में नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग ने गांव खरखड़ी में अवैध रूप से विकसित की जा रही कॉलोनी पर बुलडोजर चलाया। करीब तीन एकड़ भूमि पर बनाई जा रही इस कॉलोनी में छह निर्माणाधीन मकानों को तोड़ा गया, जबकि 18 प्लॉटों की चारदीवारी ध्वस्त कर दी गई।
कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा। विभाग ने संबंधित जमीन की खरीद-फरोख्त पर रोक लगाने के लिए तहसीलदार को भी पत्र भेज दिया है।
डीटीपीई अमित मधोलिया ने लोगों से अपील की है कि किसी भी कॉलोनी में निवेश करने से पहले उसकी वैधता की जांच अवश्य करें, क्योंकि अवैध कॉलोनियों पर कभी भी कार्रवाई हो सकती है।
दक्षिण हरियाणा में अवैध कॉलोनियों का आंकड़ा
- फरीदाबाद – 1017
- गुरुग्राम – 900
- सोनीपत – 300+
- नूंह – 200
- पलवल – 100
- रेवाड़ी – 80
- महेंद्रगढ़ – 25
हजारों परिवारों के सामने संकट
विशेषज्ञों का मानना है कि अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई केवल बुलडोजर चलाने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। यह भी जांच होनी चाहिए कि इन कॉलोनियों के विकसित होने के दौरान किन अधिकारियों की लापरवाही या मिलीभगत रही। क्योंकि आज सबसे ज्यादा नुकसान उन परिवारों को उठाना पड़ रहा है, जिन्होंने अपनी जिंदगी की पूरी जमा पूंजी इन कॉलोनियों में लगा दी।
