गुरुग्राम में एक बार फिर साइबर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति को “डिजिटल अरेस्ट” का डर दिखाकर करीब 23 लाख रुपये की ठगी कर ली गई। इस मामले में गुरुग्राम साइबर क्राइम पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नोएडा से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।

पीड़ित ने इस संबंध में साइबर क्राइम थाना, गुरुग्राम में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
पुलिस अधिकारी बनकर दी धमकी
पीड़ित के अनुसार, 24 अप्रैल से 30 अप्रैल के बीच अज्ञात व्यक्तियों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर उससे संपर्क किया। आरोपियों ने उसे अलग-अलग गंभीर कानूनी मामलों में फंसाने और “डिजिटल अरेस्ट” करने की धमकी दी।
इसके बाद, डर के माहौल का फायदा उठाते हुए आरोपियों ने जांच के नाम पर पीड़ित से करीब 23 लाख रुपये विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लिए।
साइबर पुलिस की जांच में खुलासा
मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर क्राइम पश्चिम थाना, गुरुग्राम के इंचार्ज संदीप के नेतृत्व में तकनीकी जांच शुरू की गई। जांच के दौरान मिले डिजिटल साक्ष्यों और बैंकिंग ट्रांजेक्शन की मदद से पुलिस ने आरोपी तक पहुंच बनाई।
19 जून को पुलिस टीम ने नोएडा से एक आरोपी को गिरफ्तार किया।
बैंक खाता 2.5 लाख में बेचा गया
गिरफ्तार आरोपी की पहचान 21 वर्षीय करण राजपूत निवासी पल्ला, फरीदाबाद के रूप में हुई है, जो वर्तमान में नोएडा में रह रहा था।
पूछताछ में सामने आया कि ठगी की पूरी रकम जिस बैंक खाते में ट्रांसफर की गई थी, वह खाता आरोपी के नाम पर था। आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने अपना बैंक खाता 2.5 लाख रुपये में किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिया था, जिसका उपयोग साइबर ठगी में किया गया।
गिरोह की तलाश जारी
पुलिस अब इस पूरे साइबर ठगी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और पैसों के आगे के ट्रांजेक्शन की जांच कर रही है। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि यह एक संगठित साइबर ठग गिरोह हो सकता है।
पुलिस का बयान
पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार के अनुसार मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है और अन्य आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
