शराब पीने से टोका और फिर जो हुआ… रिटायर्ड फौजी की मौत ने सबको हिला दिया

गुरुग्राम के खांडसा इलाके में रिटायर्ड फौजी बलराम की हत्या के मामले में पुलिस जांच ने एक ऐसी कहानी सामने लाई है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। जिस व्यक्ति की गुमशुदगी पर आरोपी चिंता जताने का नाटक कर रहे थे, उसी की हत्या कर शव जलाने की साजिश भी उन्होंने ही रची थी।

पुलिस जांच के मुताबिक, वारदात वाले दिन बलराम ने कुछ युवकों को शराब पीने से टोका था। यह बात आरोपियों को इतनी नागवार गुजरी कि उन्होंने गुस्से में आकर बलराम पर डंडों और लात-घूंसों से हमला कर दिया। हमला तब तक जारी रहा, जब तक पूर्व सैनिक ने दम नहीं तोड़ दिया।

हत्या के बाद रची गई सबूत मिटाने की साजिश

बलराम की मौत के बाद आरोपी घबरा गए। उन्हें डर था कि पुलिस तक पहुंचना अब सिर्फ समय की बात है। ऐसे में उन्होंने शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई।

आरोपी शव को खांडसा के एक सुनसान प्लॉट में ले गए, जहां चारों तरफ कबाड़ और प्लास्टिक का कचरा पड़ा था। यहां उन्होंने शव को छिपाकर आग के हवाले कर दिया। मकसद साफ था—शव पूरी तरह जल जाए और पुलिस को हत्या का कोई सबूत न मिले।

सबसे चौंकाने वाली बात…

हत्या और शव जलाने जैसी वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार नहीं हुए। वे आराम से अपने घर लौटे और ऐसे सो गए जैसे कुछ हुआ ही न हो।

इतना ही नहीं, जब बलराम के परिजन उन्हें तलाश रहे थे, तब आरोपी भी उनके साथ खड़े नजर आए। कई बार उन्होंने गुमशुदगी पर दुख जताया और मृतक को खोजने का नाटक भी किया, ताकि किसी का शक उन पर न जाए।

एक अंगूठी ने खोल दिया पूरा राज

बलराम के परिजनों ने सेक्टर-37 थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन की मदद से कुछ संदिग्ध गतिविधियों को चिन्हित किया।

इसी बीच पुलिस को सूचना मिली कि आरोपियों ने हत्या के बाद बलराम की उंगली से सोने की अंगूठी निकाल ली थी और उसे करीब 70 हजार रुपये में बेच दिया।

जब पुलिस ने ज्वेलर तक पहुंचकर अंगूठी बरामद की, तो केस की पूरी तस्वीर साफ होने लगी। इसके बाद विशेष, मिथुन और संदीप को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जहां उन्होंने अपना अपराध कबूल कर लिया।

आरोपियों की निशानदेही पर मिला जला हुआ शव

पूछताछ के बाद आरोपी पुलिस को उस सुनसान प्लॉट तक ले गए, जहां शव को जलाया गया था। मौके से राख और हड्डियों के कुछ अवशेष बरामद हुए हैं।

पुलिस का मानना है कि आरोपियों ने शव को पूरी तरह खत्म करने की कोशिश की थी, लेकिन घटनास्थल से मिले अवशेष अब जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बनेंगे।

पुरानी रंजिश भी बनी हत्या की वजह

पुलिस जांच में सामने आया है कि यह झगड़ा सिर्फ उस दिन की बहस का नतीजा नहीं था। आरोपियों और बलराम के बीच पहले भी कई बार कहासुनी हो चुकी थी।

आरोपियों का कहना है कि बलराम अक्सर उन्हें शराब पीने और सार्वजनिक स्थानों पर बैठने को लेकर टोकते थे। कई बार दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई थी और आरोपी इसे अपनी बेइज्जती मानते थे।

घटना वाले दिन जब बलराम ने उन्हें दोबारा शराब पीने से रोका, तो पुराना गुस्सा फूट पड़ा और मामला हत्या तक पहुंच गया।

अब डीएनए टेस्ट से होगी अंतिम पुष्टि

पुलिस ने घटनास्थल से बरामद राख और हड्डियों के अवशेषों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। डीएनए टेस्ट के जरिए यह पुष्टि की जाएगी कि बरामद अवशेष पूर्व सैनिक बलराम के ही हैं।

फिलहाल पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।

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