गुरुग्राम के चकरपुर से 5 साल के मासूम के अपहरण का सनसनीखेज मामला सामने आया है। घर के बाहर खेलते-खेलते बच्चा अचानक गायब हो गया। परिजन उसकी तलाश में जुटे ही थे कि रात होते-होते एक फोन आया। फोन करने वाले ने दावा किया कि बच्चा उसके कब्जे में है और उसे सकुशल वापस चाहिए तो डेढ़ लाख रुपये देने होंगे।

फोन कॉल के बाद परिवार में हड़कंप मच गया। मामले की सूचना तुरंत गुरुग्राम पुलिस को दी गई। पुलिस ने अपहरण और फिरौती की धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू की।
चाय की दुकान के बाहर खेल रहा था मासूम
पुलिस के मुताबिक, 17 जुलाई की शाम बच्चा अपने पिता की चाय की दुकान के सामने चकरपुर में खेल रहा था। कुछ देर बाद वह अचानक लापता हो गया। परिवार ने आसपास काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला।
इसी बीच देर रात परिजनों के पास फिरौती की कॉल आई, जिसमें बच्चे को छोड़ने के बदले 1.5 लाख रुपये की मांग की गई।
पुलिस ने रातभर चलाया ऑपरेशन
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस चौकी चकरपुर और अपराध शाखा सेक्टर-43 की टीमों ने संयुक्त अभियान शुरू किया। तकनीकी जांच, स्थानीय इनपुट और लगातार छापेमारी के बाद पुलिस ने कुछ ही घंटों में दोनों आरोपियों को चकरपुर इलाके से दबोच लिया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 5 वर्षीय मासूम को सकुशल बरामद कर लिया। बच्चे को सुरक्षित उसके परिवार के हवाले कर दिया गया।
रिश्तेदारों ने ही रची थी फिरौती की साजिश
जांच में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि अपहरण करने वाले कोई बाहरी अपराधी नहीं, बल्कि परिवार के रिश्तेदार ही निकले।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हसनपुर जमान उर्फ रिटोन (19) और मोनुआर (30) के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि दोनों आसान पैसे कमाने के लालच में मासूम का अपहरण कर फिरौती वसूलना चाहते थे।
ऑटो भी जब्त, आरोपी भेजे गए जेल
पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल किया गया ऑटो रिक्शा भी बरामद कर लिया है। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। मामले की जांच अभी जारी है।
पुलिस की फुर्ती से टली बड़ी अनहोनी
अगर पुलिस समय रहते कार्रवाई नहीं करती, तो मामला और गंभीर हो सकता था। राहत की बात यह रही कि 5 वर्षीय मासूम पूरी तरह सुरक्षित अपने परिवार के पास लौट आया।
