गुरुग्राम में नक्शे और कब्जा प्रमाण पत्र का उल्लंघन करने वाले मकान मालिकों पर अब बड़ी कार्रवाई की तैयारी है। नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग सील किए गए मकानों को डी-सील कराने के लिए लगने वाली जुर्माना राशि को करीब आठ गुना बढ़ाने की तैयारी में है।

मौजूदा व्यवस्था में जहां डी-सीलिंग के लिए 630 रुपये प्रति वर्ग मीटर जुर्माना देना पड़ता है, वहीं नई व्यवस्था में इसे बढ़ाकर करीब 5,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर किया जा सकता है। इसके साथ बैंक गारंटी भी 1,260 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर किए जाने की तैयारी है।
सूत्रों के मुताबिक नई व्यवस्था को लेकर इस महीने के अंत तक चंडीगढ़ मुख्यालय से दिशानिर्देश जारी किए जा सकते हैं।
200 वर्ग मीटर के मकान पर 10 लाख रुपये का जुर्माना
नई व्यवस्था लागू होने के बाद सील मकान को डी-सील कराना पहले के मुकाबले काफी महंगा हो जाएगा।
उदाहरण के तौर पर यदि किसी मकान का क्षेत्रफल 200 वर्ग मीटर है और उसे नक्शे या कब्जा प्रमाण पत्र के उल्लंघन के कारण सील किया जाता है, तो डी-सीलिंग के लिए मकान मालिक को:
- 5,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से 10 लाख रुपये जुर्माना
- 10,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से 20 लाख रुपये बैंक गारंटी
जमा करनी होगी।
डी-सील होने के बाद मकान मालिक को तीन महीने के भीतर उल्लंघन खत्म करना होगा। अगर निर्धारित अवधि में नियमों का उल्लंघन ठीक नहीं किया गया तो बैंक गारंटी जब्त किए जाने का प्रावधान रहेगा।
अभी कितना देना पड़ता है?
नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग की मौजूदा नीति के तहत नक्शे या कब्जा प्रमाण पत्र के उल्लंघन पर सील किए गए मकान को डी-सील कराने के लिए 630 रुपये प्रति वर्ग मीटर जुर्माना लिया जाता है।इसके अलावा मकान मालिक को 1,260 रुपये प्रति वर्ग मीटर बैंक गारंटी भी जमा करनी होती है।
अगर तीन महीने के भीतर उल्लंघन दूर नहीं किया जाता है तो विभाग बैंक गारंटी जब्त कर सकता है।
आखिर जुर्माना बढ़ाने की जरूरत क्यों पड़ी?
विभाग के सामने सबसे बड़ी समस्या उन मकानों की है, जहां रिहायशी इस्तेमाल के बजाय व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
सूत्रों के मुताबिक करीब 200 वर्ग मीटर की इमारत से व्यावसायिक गतिविधियों के जरिए हर महीने 10 से 15 लाख रुपये तक किराया मिल जाता है। ऐसे में मौजूदा जुर्माना राशि मकान मालिकों के लिए बड़ी बाधा नहीं बन रही थी।
मकान सील होने के बाद कम जुर्माना देकर उसे डी-सील कराया जाता था और आरोप है कि डी-सीलिंग के बाद कई मामलों में दोबारा व्यावसायिक गतिविधियां शुरू कर दी जाती थीं।
इसी वजह से विभाग अब जुर्माना राशि बढ़ाकर ऐसी गतिविधियों पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की तैयारी में है।
गुरुग्राम में करीब 10 हजार मकानों में उल्लंघन
नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के सर्वे के मुताबिक गुरुग्राम में करीब 10 हजार मकानों में नक्शे और कब्जा प्रमाण पत्र से जुड़े उल्लंघन पाए गए हैं।
अकेले DLF फेज-1 से फेज-5 तक करीब 5 हजार मकानों में नियमों के उल्लंघन की बात सामने आई है।
विभाग की ओर से DLF में अब तक 100 से ज्यादा मकानों पर सीलिंग और तोड़फोड़ की कार्रवाई की जा चुकी है।
इसके अलावा आरडी सिटी, सुशांत लोक-1, 2 और 3, साउथ सिटी-1 और 2, विपुल वर्ल्ड, मालिबू टाउन, सनसिटी, उप्पल साउथ एंड, ग्रीनवुड सिटी, BPTP एमेस्टोरिया, BPTP एस्टेयर गार्डन, DLF गार्डन सिटी, रोजवुड सिटी, नरवाना कंट्री और ओमेक्स नाइल समेत कई कॉलोनियों में भी नियमों के उल्लंघन वाले मकानों की पहचान की गई है।
DLF फेज-3 में 104 मकान मिले ज्यादा मंजिल वाले
DTPE कार्यालय की ओर से हाल ही में DLF फेज-3 के U ब्लॉक में सर्वे किया गया। सर्वे में करीब 104 मकान ऐसे मिले जो निर्धारित मानकों से ज्यादा मंजिलों के बने हुए हैं।
इनमें:
- 90 मकान 5 से 7 मंजिल के पाए गए।14 मकान 7 से 9 मंजिल के पाए गए।
- 14 मकान 7 से 9 मंजिल के पाए गए।
विभाग अब इन मामलों में भी नियमों के अनुसार कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
पुलिस बल नहीं मिला तो टली कार्रवाई
गुरुवार को DTPE कार्यालय की टीम को DLF फेज-3 के V ब्लॉक में सीलिंग और तोड़फोड़ की कार्रवाई करनी थी। हालांकि, पुलिस बल उपलब्ध नहीं होने के कारण कार्रवाई नहीं हो सकी।
विभाग के अनुसार अब अगले सप्ताह कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले मकानों के खिलाफ कार्रवाई में किसी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार हो रही कार्रवाई: DTPE
नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के DTPE अमित मधोलिया ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार नियमों का उल्लंघन करने वाले मकानों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने बताया कि DLF में करीब 100 मकानों पर कार्रवाई की जा चुकी है। DLF के अलावा बिल्डर की ओर से विकसित अन्य कॉलोनियों में भी कारण बताओ नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित मकानों में सीलिंग और तोड़फोड़ की कार्रवाई की जाएगी।
अब सील मकान डी-सील कराना पड़ेगा भारी
अगर प्रस्तावित नई दरें लागू होती हैं तो गुरुग्राम में नियमों का उल्लंघन करने वाले मकान मालिकों के लिए सील इमारत को दोबारा डी-सील कराना पहले के मुकाबले कई गुना महंगा हो जाएगा। विभाग का उद्देश्य सिर्फ जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि अवैध निर्माण और रिहायशी मकानों में व्यावसायिक गतिविधियों को रोकना भी है।
