गुरुग्राम में किन्नर समाज का अंदरूनी विवाद अब सड़कों तक पहुंच गया है। समाज के एक गुट के सदस्यों ने अपने ही समुदाय के दूसरे गुट के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए कई गंभीर आरोप लगाए। प्रदर्शन का नेतृत्व किन्नर समाज की प्रधान सीमा सिसोदिया ने किया।

प्रदर्शनकारियों ने रेश्मा हाजी और काजल हाजी पर धार्मिक पहचान, वर्चस्व और जिजमानों को लेकर दबाव बनाने के आरोप लगाए हैं। हालांकि, ये आरोप प्रदर्शन कर रहे गुट की ओर से लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
धार्मिक पहचान और जिजमानों को लेकर विवाद
प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, दोनों गुटों के बीच विवाद का मुख्य कारण धार्मिक पहचान, आपसी वर्चस्व और जिजमानों यानी इलाकों पर अधिकार को लेकर चल रही पुरानी खींचतान है।

विरोध कर रहे गुट का आरोप है कि सनातन धर्म से जुड़े किन्नर सदस्यों पर अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है। उनका कहना है कि कुछ लोगों को कथित तौर पर मोहरा बनाकर जिजमानों और मीडिया के सामने अलग तस्वीर पेश करने की कोशिश की जा रही है।
रेश्मा हाजी और काजल हाजी पर लगाए आरोप
प्रदर्शन के दौरान किन्नर समाज के सदस्यों ने रेश्मा हाजी और काजल हाजी के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि समुदाय के अंदर धार्मिक पहचान और अधिकारों को लेकर मतभेद लगातार बढ़ रहे हैं।

उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है, ताकि विवाद की वास्तविक वजह और लगाए जा रहे आरोपों की सच्चाई सामने आ सके।
‘हाजी’ उपाधि और गोमूत्र वाले बयान पर भी सवाल
प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर गोमूत्र पिलाने से जुड़े बयानों और कुछ सदस्यों की ओर से इस्तेमाल की जा रही ‘हाजी’ उपाधि को लेकर भी सवाल उठाए।
किन्नर समाज की सदस्य गरिमा यादव समेत अन्य प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन से मामले में गंभीरता से जांच करने की मांग की। उनका कहना है कि पुलिस को संबंधित लोगों के घर-घर जाकर पूछताछ करनी चाहिए और पूरे विवाद की वास्तविक स्थिति सामने लानी चाहिए।
अंदरूनी कलह अब खुलकर सामने
किन्नर समाज के भीतर चल रहा यह विवाद अब सार्वजनिक रूप से सामने आ गया है। एक ही समुदाय के दो गुटों के बीच आरोप-प्रत्यारोप के बाद प्रशासन के सामने मामले को शांत कराने और विवाद की वास्तविक वजह पता लगाने की चुनौती है।
फिलहाल प्रदर्शनकारी गुट ने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच और पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने की मांग की है। दूसरे पक्ष की प्रतिक्रिया सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
