गुरुग्राम में करीब 7 हजार करोड़ रुपये की लागत से 28.5 किलोमीटर लंबा पूरा मेट्रो कॉरिडोर तैयार किया जाएगा। इस कॉरिडोर पर कुल 27 स्टेशन होंगे, जिनमें 8 मॉडल स्टेशन शामिल हैं। प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 7,098.70 करोड़ रुपये है। शुरुआत में 3 कोच वाली ट्रेनें चलेंगी, जिन्हें भविष्य में 6 कोच तक बढ़ाया जा सकेगा। इस रूट पर करीब 35 ट्रेनें चलाने की योजना है, जिनकी अधिकतम रफ्तार 80 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। अनुमान है कि इस कॉरिडोर से रोजाना करीब 10 लाख यात्री सफर कर सकेंगे।
लेकिन फिलहाल अभी मेट्रो के दूसरे फेज के काम को प्रबंध निदेशक के ट्रांसफर से झटका लग गया है। सेक्टर-9 से साइबर हब तक प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर के लिए जिस टेंडर को अगले सप्ताह जारी किया जाना था, उसकी प्रक्रिया अब कुछ दिनों के लिए आगे बढ़ गई है।

क्यों रुका मेट्रो कॉरिडोर का कार्य
दरअसल, गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (GMRL) के प्रबंध निदेशक डॉ. चंद्रशेखर खरे का पिछले सप्ताह ट्रांसफर कर दिया गया। उनकी जगह मुकुल कुमार को नया प्रबंध निदेशक बनाया गया है। अब नए MD के कार्यभार संभालने के बाद ही टेंडर की आगे की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।
नए MD को पहले समझनी होगी पूरी प्रक्रिया
बड़े प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी संभालने के बाद नए अधिकारी को सबसे पहले GMRL की मौजूदा स्थिति और मेट्रो प्रोजेक्ट से जुड़ी पूरी प्रक्रिया समझनी होगी। इसमें टेंडर के दस्तावेज, तकनीकी जानकारी, वित्तीय प्रक्रिया और अब तक लिए गए फैसलों की जानकारी शामिल है। इन सभी चीजों को समझने के बाद ही टेंडर से जुड़ी जरूरी प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। ऐसे में अगले सप्ताह होने वाली टेंडर प्रक्रिया में कुछ दिनों की देरी हो सकती है। हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि टेंडर कितने दिन आगे बढ़ेगा।
क्या कहना है लोक निर्माण विभाग का
लोक निर्माण विभाग के सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता जेएस सुहाग का कहना है कि बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट में अधिकारियों की निरंतरता काफी जरूरी होती है। उनके मुताबिक किसी बड़े प्रोजेक्ट के अहम चरण में अधिकारी बदलने से नए अधिकारी को पहले पूरी व्यवस्था समझनी पड़ती है। इससे फैसले लेने और प्रक्रिया आगे बढ़ाने में समय लग सकता है।
गुरुग्राम में मेट्रो विस्तार की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही है। शहर में लगातार बढ़ती आबादी, ट्रैफिक और वाहनों की संख्या के बीच मेट्रो को पब्लिक ट्रांसपोर्ट का अहम विकल्प माना जा रहा है।
सेक्टर-9 से साइबर हब तक पहुंचेगी मेट्रो
गुरुग्राम मेट्रो के दूसरे फेज में सेक्टर-9 से साइबर हब तक मेट्रो कॉरिडोर विकसित करने की योजना है। इस रूट के जरिए शहर के कई प्रमुख इलाकों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। प्रस्तावित नेटवर्क में साइबर पार्क, सुभाष चौक, हीरो होंडा चौक, उद्योग विहार, सेक्टर-9, पालम विहार, सेक्टर-22 और बजघेड़ा रोड जैसे प्रमुख इलाके शामिल हैं। फिलहाल पहले फेज में मिलेनियम सिटी सेंटर से सेक्टर-9 तक मेट्रो कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है। इसके आगे सेक्टर-9 से साइबर हब तक का हिस्सा दूसरे फेज में बनाया जाना है।
28.5 किलोमीटर के कॉरिडोर में 27 स्टेशन प्रस्तावित
पूरे मेट्रो नेटवर्क को करीब 28.5 किलोमीटर लंबा बनाने की योजना है। इस पूरे कॉरिडोर पर कुल 27 स्टेशन प्रस्तावित हैं। पहले हिस्से में मिलेनियम सिटी सेंटर से सेक्टर-9 तक करीब 15.5 किलोमीटर का मेट्रो कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है। इसके बाद सेक्टर-9 से साइबर हब तक मेट्रो का विस्तार किया जाएगा।
पूरा नेटवर्क तैयार होने के बाद गुरुग्राम के कई प्रमुख इलाकों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। लोगों को मेट्रो पकड़ने के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी और शहर के अलग-अलग हिस्सों के बीच सफर आसान हो सकेगा। अब सबकी नजर नए MD मुकुल कुमार के कार्यभार संभालने और इसके बाद टेंडर प्रक्रिया कब आगे बढ़ती है इस पर है।
