गुरुग्राम में अगर आप किसी सोसाइटी या कॉलोनी में रहते हैं और अंदर आने-जाने के लिए छोटी या अधूरी सड़क से परेशान हैं, तो ये खबर आपके काम की है। शहर के 9 सेक्टरों में अब 24 मीटर चौड़ी सड़कें बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए करीब 107 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा।
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण यानी HSVP ने जमीन अधिग्रहण का प्रस्ताव तैयार कर लिया है। अब इसे मंजूरी के लिए मुख्यालय भेजा जाएगा। मंजूरी मिलते ही नए भूमि अधिग्रहण कानून के तहत जमीन लेने की प्रक्रिया शुरू होगी।

किन इलाकों में होगा जमीन अधिग्रहण?
फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर 9 सेक्टरों को चुना गया है। इनमें
* सेक्टर-81A: करीब 15 एकड़ जमीन की जरूरत है। यह जमीन लखनौला, मानेसर और शिकोहपुर गांव की है।
* सेक्टर-82: करीब 3 एकड़ जमीन चाहिए। इसमें सिकंदरपुर बढ़ा, लखनौला, शिकोहपुर और सिंही गांव की जमीन शामिल है।
* सेक्टर-82A: यहां 24 मीटर सड़क के लिए करीब 11 एकड़ जमीन की जरूरत बताई गई है।
बाकी सेक्टरों के लिए भी जमीन की जरूरत का आकलन किया गया है।
आखिर सड़क बनाने की जरूरत क्यों पड़ी?
गुरुग्राम-मानेसर विकास योजना के तहत कई जगह 60 मीटर चौड़ी मुख्य सड़कें तो बना दी गईं, लेकिन इनके अंदर की 24 मीटर वाली सड़कें नहीं बन पाईं। दूसरी तरफ, सोसाइटी और कॉलोनियां विकसित करने के लिए लाइसेंस जारी होते रहे। अब इन अंदरूनी सड़कों के नहीं बनने से करीब 300 सोसाइटियों के लोग आने-जाने की परेशानी झेल रहे हैं।
1158 एकड़ जमीन की जरूरत
सेक्टर-58 से लेकर सेक्टर-115 तक 24 मीटर चौड़ी सड़कों का पूरा नेटवर्क बनाने के लिए करीब 1158 एकड़ जमीन की जरूरत बताई गई है। लेकिन फिलहाल सरकार ने पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इन 9 सेक्टरों में जमीन अधिग्रहण की तैयारी शुरू की है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी 24 मीटर सड़कों के अभाव में गुरुग्राम के लोगों को हो रही परेशानी को देखते हुए जमीन अधिग्रहण के निर्देश दिए थे।
समिति ने तैयार किया प्रस्ताव
नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के महानिदेशक जे. गणेशन के निर्देश पर एक संयुक्त स्थल निरीक्षण समिति बनाई गई थी। HSVP प्रशासक वैशाली सिंह की अध्यक्षता में इस समिति ने जमीन अधिग्रहण का प्रस्ताव तैयार किया है। अब प्रस्ताव मुख्यालय की मंजूरी के लिए जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
यानी आने वाले समय में इन इलाकों में रहने वाले लोगों को सिर्फ बड़ी मेन रोड ही नहीं, बल्कि सोसाइटी और कॉलोनियों तक पहुंचने के लिए बेहतर अंदरूनी कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।
