शहर के तेजी से विकसित हो रहे नए सेक्टरों में सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर करने की तैयारी तेज हो गई है। सेक्टर-81 से 86 और सेक्टर-104 के बीच प्रस्तावित 24 मीटर चौड़ी सड़कों के निर्माण की दिशा में हरियाणा सरकार ने अहम कदम उठाया है। इसके लिए सामाजिक प्रभाव आकलन यानी SIA की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

जमीन अधिग्रहण से पहले होगा सामाजिक प्रभाव का अध्ययन
शहरी संपदा विभाग की ओर से 30 सितंबर को जारी अधिसूचना के बाद यह प्रक्रिया शुरू हुई है। सरकार ने Haryana State Industrial & Infrastructure Development Corporation Limited (HSIIDC) को सामाजिक प्रभाव आकलन इकाई की जिम्मेदारी दी है।
HSIIDC यह देखेगा कि प्रस्तावित जमीन अधिग्रहण का स्थानीय लोगों, जमीन मालिकों और अन्य प्रभावित परिवारों पर क्या असर पड़ेगा। इसके साथ ही सामाजिक प्रभाव प्रबंधन योजना भी तैयार की जाएगी। खास बात यह है कि अधिसूचना जारी होने का मतलब यह नहीं है कि जमीन का अंतिम अधिग्रहण हो गया है। अभी आकलन और आगे की वैधानिक प्रक्रिया पूरी होनी बाकी है।
42,939 वर्ग मीटर जमीन चिन्हित
प्रस्तावित सड़क नेटवर्क के लिए कुल 42,939.66 वर्ग मीटर, यानी लगभग 10.61 एकड़ जमीन चिन्हित की गई है। यह जमीन गुरुग्राम के आसपास के कई गांवों में स्थित है। इनमें नवादा फतेहपुर, लखनौला, शिकोहपुर, सीही, बढ़ा, गुरुग्राम और धनवापुर शामिल हैं। सेक्टर-81 में नवादा फतेहपुर और लखनौला की जमीन, जबकि सेक्टर-82 में शिकोहपुर और सेक्टर-83 व 84 में सीही की जमीन प्रस्तावित सड़क नेटवर्क में शामिल की गई है। वहीं सेक्टर-85 और 86 के लिए भी जमीन चिन्हित की गई है।
सेक्टर-104 में भी कई बड़े भूखंड शामिल
सेक्टर-104 के लिए भी कई भूखंड प्रस्तावित सड़क नेटवर्क में रखे गए हैं। इनमें करीब 4,794 वर्ग मीटर का एक बड़ा भूखंड शामिल है। इसके अलावा 454, 2,456 और 4,289 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले भूखंड भी सूची में शामिल हैं।
नए सेक्टरों में कम होगा ट्रैफिक का दबाव?
गुरुग्राम के नए सेक्टरों में तेजी से रिहायशी और व्यावसायिक विकास हो रहा है। ऐसे में बेहतर सड़क नेटवर्क की जरूरत लगातार बढ़ रही है। प्रस्तावित 24 मीटर चौड़ी सड़कें तैयार होने के बाद नए सेक्टरों के बीच आवाजाही आसान होने की उम्मीद है। इससे आसपास के इलाकों की कनेक्टिविटी मजबूत होने के साथ भविष्य में बढ़ने वाले ट्रैफिक दबाव को संभालने में भी मदद मिल सकती है। फिलहाल सरकार ने जमीन अधिग्रहण की दिशा में पहला कदम उठाया है। अब SIA रिपोर्ट और आगे की प्रक्रिया के बाद ही साफ होगा कि इन सड़कों का निर्माण कब शुरू हो पाएगा।
