सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ रील बनाना और बदमाशी को बढ़ावा देने वाली वीडियो पोस्ट करना अब भारी पड़ सकता है। गुरुग्राम पुलिस ने ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए ‘ऑपरेशन अंकुश’ शुरू किया है। इस अभियान के तहत पुलिस की Social Media Cell लगातार सोशल मीडिया अकाउंट्स पर नजर रख रही है।

सोशल मीडिया अकाउंट की जांच
गुरुग्राम पुलिस ने 9 सितंबर 2026 से ‘ऑपरेशन अंकुश’ की शुरुआत की। अभियान के तहत पुलिस ने करीब 2 हजार सोशल मीडिया अकाउंट खंगाले। जांच के दौरान पुलिस को 42 अकाउंट ऐसे मिले, जिन पर हथियारों का प्रदर्शन किया जा रहा था। वहीं 17 अकाउंट पर आपराधिक प्रवृत्ति और बदमाशी को बढ़ावा देने वाली रील और वीडियो पोस्ट किए जा रहे थे। इन वीडियो में लोग हथियारों के साथ फोटो और वीडियो बनाकर उन्हें बदमाशी और अपराध को बढ़ावा देने वाले गानों के साथ सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे थे।
पुलिस ने की कार्रवाई
गुरुग्राम पुलिस ने ऐसे अकाउंट चलाने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की। पुलिस ने संबंधित लोगों को काबू किया और सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई आपत्तिजनक रील और वीडियो को डिलीट करवाया। पुलिस ने इन लोगों को समझाया कि इस तरह की सामग्री समाज में गलत संदेश देती है और खासकर युवाओं पर इसका गलत असर पड़ सकता है।
रील में दिखा हथियार तो पहुंची पुलिस
जांच के दौरान कुछ मामलों में सोशल मीडिया वीडियो में दिखाई दे रहे अवैध हथियार भी बरामद किए गए। इन मामलों में पुलिस ने संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए आपराधिक केस दर्ज किए। वहीं, कुछ वीडियो में लाइसेंसी हथियार भी दिखाई दिए। पुलिस के अनुसार कुछ लोगों ने अपने लाइसेंसी हथियार दूसरे लोगों को फोटो और वीडियो बनाने के लिए दिए थे। ऐसे मामलों में हथियारों के लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
पुलिस ने की काउंसलिंग
गुरुग्राम पुलिस ने सिर्फ कार्रवाई ही नहीं की, बल्कि संबंधित लोगों की काउंसलिंग भी की। उन्हें समझाया गया कि सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन, अपराध को ग्लैमराइज करना या बदमाशी वाली रील बनाना युवाओं को गलत दिशा में प्रभावित कर सकता है। पुलिस ने साफ किया है कि सोशल मीडिया पर ऐसी गतिविधियों की निगरानी आगे भी जारी रहेगी।
पुलिस की लोगों से अपील
गुरुग्राम पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन करने वाली या अपराध को बढ़ावा देने वाली रील और वीडियो पोस्ट न करें।ऐसी सामग्री को शेयर या प्रमोट करने से भी बचें। पुलिस का कहना है कि अगर किसी को सोशल मीडिया पर इस तरह की आपत्तिजनक गतिविधि दिखाई देती है, तो इसकी जानकारी पुलिस को दी जानी चाहिए, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। यानी अब सोशल मीडिया पर डाली गई हर रील सिर्फ लाइक्स और व्यूज तक सीमित नहीं है। अगर उसमें हथियार या अपराध का प्रदर्शन है, तो पुलिस की नजर उस तक भी पहुंच सकती है।
