शहर की सड़कों पर अब फुटपाथ, ग्रीन बेल्ट और ड्रेनेज का काम अलग-अलग तरीके से नहीं होगा। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) अब सड़क किनारे के पूरे कॉरिडोर को एक एकीकृत योजना के तहत विकसित करेगा। इसका मकसद पैदल चलने वालों को सुरक्षित रास्ता देने के साथ-साथ बारिश के पानी की निकासी, हरियाली और भूजल रिचार्ज को भी बेहतर करना है।
GMDA के CEO पीसी मीणा ने सेक्टर-46/51 और सेक्टर-51/57 की मास्टर डिवाइडिंग रोड पर चल रहे फुटपाथ निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि फुटपाथ सुरक्षित, सुविधाजनक और बाधारहित होने चाहिए। निर्माण में गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाए।

फुटपाथ के साथ होगी हरियाली, राहगीरों को मिलेगी छाया
GMDA की योजना के मुताबिक जहां जगह उपलब्ध होगी, वहां फुटपाथ के दोनों ओर पेड़ लगाए जाएंगे। इसके साथ ही फुटपाथ के आसपास हेज भी विकसित की जाएगी। इससे राहगीरों को छाया मिलेगी और सड़क किनारे उड़ने वाली धूल को नियंत्रित करने में भी मदद मिलेगी। नए फुटपाथ के डिजाइन में बारिश के पानी का भी खास ध्यान रखा जा रहा है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सड़क के किनारे पहले हेज और ग्रीन बेल्ट विकसित की जाए।
ग्रीन बेल्ट का लेवल सड़क से करीब एक फुट नीचे रखा जाएगा। इससे बारिश का पानी सड़क पर जमा होने या बहने के बजाय सीधे ग्रीन बेल्ट में जा सकेगा। इसके बाद ग्रीन बेल्ट के साथ फुटपाथ बनाया जाएगा, जिसका लेवल ग्रीन बेल्ट से करीब 6 इंच ऊंचा होगा। इस व्यवस्था से बारिश के पानी को जमीन में पहुंचाने और भूजल रिचार्ज में मदद मिलने की उम्मीद है।
पेड़ों और यूटिलिटी लाइन को नहीं होगा नुकसान
GMDA CEO ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि फुटपाथ बनाते समय मौजूदा पेड़ों को किसी भी तरह का नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए। फुटपाथ का अलाइनमेंट पेड़ों को ध्यान में रखकर तय किया जाएगा। इसके अलावा बिजली, पानी और सीवर जैसी मौजूदा यूटिलिटी लाइनों को भी डिजाइन में शामिल किया जाएगा। इसका फायदा यह होगा कि भविष्य में किसी लाइन की मरम्मत या रखरखाव के लिए बार-बार फुटपाथ तोड़ने की जरूरत न पड़े।

नालों के ऊपर नहीं बनाए जाएंगे फुटपाथ
GMDA ने फुटपाथ निर्माण को लेकर एक और अहम निर्देश दिया है। नालों के ऊपर फुटपाथ नहीं बनाए जाएंगे। जहां पहले से ड्रेनेज इंफ्रास्ट्रक्चर मौजूद है, वहां फुटपाथ का अलग अलाइनमेंट रखा जाएगा। इससे भविष्य में नाले की सफाई, मरम्मत या रखरखाव के दौरान फुटपाथ को नुकसान नहीं पहुंचेगा। GMDA ने गुरुग्राम में करीब 180 किलोमीटर मौजूदा फुटपाथ का सर्वे कराया है। सर्वे में करीब 72 किलोमीटर फुटपाथ संतोषजनक स्थिति में पाए गए हैं।
वहीं करीब 80 किलोमीटर फुटपाथ पर मरम्मत और पुनर्स्थापना का काम शुरू किया गया है। इसके अलावा करीब 28 किलोमीटर फुटपाथ नए सिरे से बनाए जाएंगे।
GMDA का लक्ष्य शहर में ऐसा पैदल यात्री नेटवर्क तैयार करना है, जहां लोगों को सुरक्षित और सुविधाजनक रास्ता मिले और सड़क किनारे की हरियाली और ड्रेनेज व्यवस्था भी बेहतर हो।
फुटपाथ के साथ ड्रेनेज और ग्रीन बेल्ट पर भी फोकस
GMDA अब सड़क कॉरिडोर को केवल सड़क और फुटपाथ तक सीमित नहीं रख रहा है। योजना में फुटपाथ, पेड़, ग्रीन बेल्ट और स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज को एक साथ जोड़ा जा रहा है। इससे एक तरफ जहां गुरुग्राम में पैदल चलने वालों के लिए बेहतर रास्ते तैयार होंगे, वहीं दूसरी तरफ बारिश के दौरान जलभराव कम करने, हरियाली बढ़ाने और भूजल संरक्षण में भी मदद मिलेगी।
