गुरुग्राम में कूड़ा उठाने वाली एजेंसी पर क्यों पड़ा 12 लाख का जुर्माना? जांच में खुली बड़ी पोल

गुरुग्राम की सफाई व्यवस्था को लेकर नगर निगम ने एक बार फिर सख्ती दिखाई है। जोन-5 में डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने और सफाई का जिम्मा संभाल रही केएस मल्टीफैसिलिटी सर्विसेज की जमीनी व्यवस्था की जांच में बड़ी कमी सामने आई है।

निगम के रिकॉर्ड में सामने आया कि एजेंसी को रोजाना 76 वाहन लगाने थे, लेकिन कई दिनों तक तय संख्या में वाहन मैदान में नहीं मिले। जांच में कुल 691 वाहन-दिवस की कमी दर्ज की गई।

इसके अलावा ट्रैक्टर-ट्रॉली और सफाई कर्मचारियों की तैनाती में भी कमी मिली। इन लापरवाहियों पर निगम ने एजेंसी को दो नोटिस जारी करते हुए कुल 12 लाख 466 रुपये का जुर्माना लगाया है। यह रकम एजेंसी के मासिक बिल से काटी जाएगी।

76 वाहन की जगह कई दिन कम मिले वाहन
जोन-5 में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण के लिए एजेंसी को हर दिन 76 वाहन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी दी गई थी।
नगर निगम के सहायक सफाई निरीक्षकों ने 25 जुलाई से 11 अगस्त तक अलग-अलग दिनों में वाहनों की मौके पर जांच की।
जांच में कई दिनों पर निर्धारित संख्या के मुकाबले कम वाहन मिले। पूरे निरीक्षण रिकॉर्ड को जोड़ने पर 691 वाहन-दिवस की कमी सामने आई। निगम ने इस कमी के लिए सीधे 9 लाख 95 हजार 40 रुपये की पेनल्टी लगा दी।

ट्रैक्टर-ट्रॉली के साथ कर्मचारी भी कम

एजेंसी की परेशानी यहीं खत्म नहीं हुई। 1 से 11 अगस्त के बीच ट्रैक्टर-ट्रॉली और सफाई कर्मचारियों की तैनाती की जांच की गई। इस दौरान निर्धारित संख्या के मुकाबले 26 ट्रैक्टर-ट्रॉली कम मिलीं।

इसके लिए 65 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। वहीं सफाई कर्मचारियों की संख्या की जांच में भी बड़ी कमी सामने आई। रिकॉर्ड के मुताबिक निर्धारित मैनपावर की तुलना में 286 कर्मचारी कम पाए गए।
इस पर निगम ने 1 लाख 40 हजार 426 रुपये की पेनल्टी लगाई। इस तरह ट्रैक्टर-ट्रॉली और कर्मचारियों की कमी को लेकर जारी दूसरे नोटिस की कुल राशि 2 लाख 5 हजार 426 रुपये रही।

एक नहीं, दो नोटिस में 12 लाख की पेनल्टी
नगर निगम की कार्रवाई को अगर आंकड़ों में समझें तो एजेंसी पर दो अलग-अलग मामलों में जुर्माना लगाया गया है।

पहला जुर्माना—9,95,040 रुपये
वाहनों की निर्धारित संख्या पूरी नहीं करने पर।

दूसरा जुर्माना—2,05,426 रुपये
ट्रैक्टर-ट्रॉली और सफाई कर्मचारियों की कमी पर।

यानी दोनों नोटिस मिलाकर एजेंसी पर कुल 12,00,466 रुपये की पेनल्टी हुई।
यह रकम एजेंसी के मासिक भुगतान से काटी जाएगी।

निगम ने मौके पर पकड़ी कमी
नगर निगम की कार्रवाई सिर्फ कागजों में दर्ज आंकड़ों के आधार पर नहीं हुई। अधिकारियों ने मौके पर जाकर वाहनों और मैनपावर की उपलब्धता की जांच की।

यही जांच आगे की कार्रवाई का आधार बनी।

नगर निगम अब सफाई एजेंसियों से सिर्फ यह नहीं देख रहा कि कागजों में कितने वाहन और कर्मचारी तैनात हैं, बल्कि यह भी जांच रहा है कि वास्तव में कितने संसाधन रोजाना सड़क पर काम कर रहे हैं।

अब तय संसाधन कम पड़े तो सीधे पेनल्टी

नगर निगम गुरुग्राम के अतिरिक्त आयुक्त डॉ. जयवीर यादव ने साफ किया है कि सफाई और डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण का काम करने वाली एजेंसियों को कार्य आदेश में तय शर्तों का पालन करना होगा।

एजेंसी को जितने वाहन, ट्रैक्टर-ट्रॉली और सफाई कर्मचारी उपलब्ध कराने हैं, उनकी संख्या में कमी स्वीकार नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान कमी मिलने पर अनुबंध की शर्तों के मुताबिक पेनल्टी लगाई जाएगी और संबंधित एजेंसी की जवाबदेही तय होगी।

आंकड़ों में पूरी कार्रवाई कमी कार्रवाई
691 वाहन-दिवस की कमी ₹9,95,040
26 ट्रैक्टर-ट्रॉली कम ₹65,000
286 सफाई कर्मचारी कम ₹1,40,426
कुल पेनल्टी ₹12,00,466

गुरुग्राम में सफाई व्यवस्था को लेकर नगर निगम की यह कार्रवाई इसलिए अहम है क्योंकि अब एजेंसियों के संसाधनों की जमीनी उपलब्धता को सीधे पेनल्टी से जोड़ा जा रहा है। आने वाले दिनों में इस तरह के निरीक्षण और कार्रवाई बढ़ने की संभावना है।

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