सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने के बावजूद अगर आपकी शिकायत का समाधान नहीं हो रहा, तो अब अधिकारियों को इसका जवाब देना पड़ सकता है। गुरुग्राम में सीएम विंडो, सीएम जन संवाद और समाधान शिविरों में आने वाली शिकायतों को लेकर जिला प्रशासन सख्त हो गया है। डीसी उत्तम सिंह ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि शिकायतों का निपटारा केवल पोर्टल पर स्टेटस अपडेट करके नहीं, बल्कि समस्या का वास्तविक समाधान करके किया जाए।

शिकायतों पर प्राथमिकता से होगी कार्रवाई
डीसी उत्तम सिंह ने निर्देश दिए कि निर्धारित समय सीमा से अधिक समय से लंबित शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए। जिन मामलों में बिना किसी उचित कारण के देरी हो रही है, उनमें संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। उन्होंने कहा कि लोगों को एक ही शिकायत के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ने चाहिए। अधिकारियों को शिकायतकर्ता की समस्या को गंभीरता से लेते हुए उसका समय पर समाधान सुनिश्चित करना होगा।
दोबारा खुली शिकायतों की भी होगी जांच
प्रशासन अब उन शिकायतों की भी समीक्षा करेगा, जिन्हें पहले निपटाया जा चुका है, लेकिन बाद में दोबारा खोलना पड़ा। ऐसी शिकायतों में पहले की गई कार्रवाई और दोबारा शिकायत खुलने के कारणों की जांच की जाएगी, ताकि कमियों को दूर कर समस्या का सही समाधान किया जा सके।
एटीआर में देनी होगी कार्रवाई की पूरी जानकारी
डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों की एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) में की गई कार्रवाई का स्पष्ट और तथ्यात्मक विवरण दर्ज किया जाए। जरूरत के अनुसार जांच रिपोर्ट और संबंधित दस्तावेज भी पोर्टल पर अपलोड किए जाएं। इसके साथ ही शिकायतकर्ता को यह जानकारी देना भी जरूरी होगा कि उसकी शिकायत पर क्या कार्रवाई की गई है और समस्या का समाधान किस स्तर तक हुआ है।
कई विभागों से जुड़ी शिकायतों पर भी होगी निगरानी
समाधान शिविरों में प्राप्त शिकायतों की विभागवार नियमित समीक्षा की जाएगी। जिन मामलों में एक से अधिक विभागों की भूमिका है, उनमें सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्रवाई करनी होगी। इससे पहले हरियाणा सरकार के उच्चतर शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) ए.के. सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलों के उपायुक्तों के साथ समाधान शिविरों में मिली शिकायतों की समीक्षा की।
बैठक में सीटीएम ज्योति नागपाल, डीडीपीओ नवनीत कौर, मेडिकल ऑफिसर प्रियंका, डिप्टी डीईओ गीता आर्या, दीप्ति सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे अब देखना होगा कि प्रशासन के इन सख्त निर्देशों के बाद लंबित शिकायतों के समाधान में कितनी तेजी आती है और लोगों को सरकारी दफ्तरों के बार-बार चक्कर लगाने से कितनी राहत मिलती है।
