गुरुग्राम शहर में विकास कार्यों की धीमी रफ्तार और बार-बार सामने आने वाली समस्याओं को लेकर सोमवार को सख्त संदेश दिया गया। उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री Rao Narbir Singh ने लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह में GMDA और नगर निगम अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर साफ कर दिया कि अब लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।

बैठक में शहर की सफाई, ड्रेनेज, सड़क, इंफ्रास्ट्रक्चर और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
मानसून से पहले जलभराव खत्म करने के निर्देश
मंत्री ने सबसे ज्यादा फोकस जलभराव की समस्या पर किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बारिश से पहले सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएं, ताकि शहर में कहीं भी पानी भरने की स्थिति न बने।
अधिकारियों ने बताया कि:
- शहर में तीन बड़े मास्टर ड्रेन पर काम चल रहा है
- सेक्टर 68-75 और 112-115 में ड्रेनेज सिस्टम तैयार किया जा रहा है
- पिछले सालों की तुलना में जलभराव वाले स्थानों में कमी आई है
मंत्री ने कहा कि नालों की सफाई, डी-सिल्टिंग और ड्रेनेज नेटवर्क को समयबद्ध तरीके से पूरा करना जरूरी है।
447 करोड़ के सड़क प्रोजेक्ट चल रहे, 3000 करोड़ से ज्यादा की योजना
बैठक में सड़क और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की भी समीक्षा की गई।
- करीब 447 करोड़ रुपये के सड़क निर्माण कार्य जारी हैं
- 1271 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट अलॉटमेंट स्टेज पर हैं
- 1870 करोड़ रुपये के नए प्रोजेक्ट योजना और मंजूरी के चरण में हैं
मंत्री ने विशेष रूप से द्वारका एक्सप्रेसवे से जुड़ी सर्विस रोड, सेक्टर डिवाइडिंग रोड और मास्टर रोड्स को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
सफाई व्यवस्था पर सख्ती
शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर भी सख्त रुख अपनाया गया।
- 400 वाहनों से डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन
- रोजाना करीब 540 किलोमीटर सड़कों की मशीनों से सफाई
मंत्री ने साफ कहा कि कचरा निस्तारण में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी और इसकी नियमित मॉनिटरिंग जरूरी है।
पानी की सप्लाई पर भी नजर
गर्मी के मौसम को देखते हुए पेयजल आपूर्ति पर भी चर्चा हुई।
- कुल जल शोधन क्षमता: 670 MLD
- वर्तमान सप्लाई: करीब 455 MLD
मंत्री ने निर्देश दिए कि पानी की कमी न हो, इसके लिए वैकल्पिक इंतजाम और मजबूत मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार किया जाए।
“जनता को परेशानी नहीं होनी चाहिए”
बैठक के अंत में मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि:
- सभी लंबित विकास कार्य प्राथमिकता से पूरे किए जाएं
- फील्ड में जाकर काम की निगरानी की जाए
- जनता की शिकायतों का समय पर समाधान हो
उन्होंने कहा कि गुरुग्राम को बेहतर और व्यवस्थित शहर बनाने के लिए प्रशासन को पूरी जिम्मेदारी के साथ काम करना होगा।
