गुरुग्राम नगर निगम में पिछले 13 महीनों से अटके सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव को लेकर आखिरकार तस्वीर साफ हो गई है। सोमवार को हरियाणा लोक प्रशासन संस्थान (हिपा) में आयोजित नगर निगम सदन की बैठक के दौरान निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने घोषणा की कि दोनों पदों के चुनाव 24 मई से पहले कराए जाएंगे।

इस घोषणा के बाद नगर निगम की राजनीति फिर गरमा गई है। लंबे समय से लंबित इन चुनावों को लेकर पार्षदों और राजनीतिक दलों के बीच हलचल तेज हो गई है।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद बढ़ी हलचल
सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव में देरी को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए आठ सप्ताह के भीतर चुनाव कराने के निर्देश दिए थे। कोर्ट के आदेश के बाद अब प्रशासन ने चुनाव प्रक्रिया को तेज कर दिया है।
30 अप्रैल को आखिरी समय में टल गया था चुनाव
इससे पहले 30 अप्रैल को दोनों पदों के लिए मतदान होना था। चुनाव को लेकर सभी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं और पार्षद भी हिपा पहुंच गए थे। लेकिन मतदान शुरू होने से ठीक पहले मेयर राजरानी मल्होत्रा की तबीयत खराब हो गई, जिसके चलते चुनाव स्थगित करना पड़ा था।
मेयर की गैरमौजूदगी में चुनाव प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी थी।
भाजपा में बढ़ी अंदरूनी हलचल
दोनों पदों को लेकर भाजपा के भीतर दावेदारों की लंबी फेहरिस्त सामने आ रही है। पार्टी के अलग-अलग गुट अपने-अपने समर्थित चेहरों को आगे बढ़ाने में जुटे हुए हैं। निगम सदन में भाजपा के बहुमत को देखते हुए यह लगभग तय माना जा रहा है कि दोनों पद भाजपा के खाते में जाएंगे।
इसी वजह से पार्टी के भीतर राजनीतिक समीकरण तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं।
13 महीने से बिना डिप्टी मेयर चल रहा निगम सदन
गौरतलब है कि नगर निगम गुरुग्राम का सदन पिछले 13 महीनों से बिना सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के काम कर रहा है। अब चुनाव की घोषणा के बाद पार्षदों की सक्रियता बढ़ गई है और आने वाले दिनों में निगम राजनीति और ज्यादा गर्माने के संकेत मिल रहे हैं।
