गुरुग्राम में सफाई, विकास कार्यों और नागरिकों की शिकायतों को लेकर अब नगर निगम की निगरानी व्यवस्था बदलने जा रही है। शहर की समस्याओं पर सिर्फ बैठकों में चर्चा नहीं होगी, बल्कि अधिकारी मौके पर कितना काम कर रहे हैं, इसकी निगरानी भी मोबाइल से की जा सकेगी। नगर निगम ने अपने MCG इंस्पेक्शन ऐप का दायरा बढ़ा दिया है।

अब मोबाइल से होगी वार्ड की निगरानी?
पहले MCG इंस्पेक्शन ऐप का इस्तेमाल मुख्य रूप से नगर निगम आयुक्त और अतिरिक्त आयुक्त स्तर के अधिकारी कर रहे थे। लेकिन अब इस डिजिटल प्लेटफॉर्म का एक्सेस जनप्रतिनिधियों और निगम के श्रेणी-एक व श्रेणी-दो के अधिकारियों को भी दिया गया है। इसका मतलब है कि वार्ड में सफाई व्यवस्था कैसी है, विकास कार्यों की स्थिति क्या है और लोगों की शिकायतों पर कितना काम हुआ है, इसकी निगरानी सीधे मोबाइल फोन से की जा सकेगी।
खास बात यह है कि अधिकारियों को फील्ड में जाकर किए गए काम की वास्तविक तस्वीरें और जरूरी जानकारी ऐप पर अपलोड करनी होगी। इससे अधिकारियों के दावों और जमीन पर हुए काम के बीच अंतर का पता लगाने में मदद मिलेगी।
अवैध कबाड़ की दुकानों पर कार्रवाई
नगर निगम ने शहर की व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए अवैध कब्जों के खिलाफ भी सख्त रुख अपनाया है। सरकारी जमीन पर कब्जा करके चलाई जा रही कबाड़ की दुकानों को हटाने की कार्रवाई की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले संचालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। ऐसे में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करके कारोबार करने वालों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
2 दिन में करना होगा समाधान
नगर निगम को मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) से मिलने वाली जनशिकायतों पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को लंबित शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण समाधान दो दिनों के भीतर सुनिश्चित करना होगा। इसके बाद कार्रवाई की अनुपालन रिपोर्ट पोर्टल पर भेजनी होगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य शिकायतों को लंबे समय तक लंबित रहने से रोकना और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करना है।
क्या-क्या है निगम के रडार पर
शहर में आवारा पशुओं की समस्या से निपटने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत सड़कों से लावारिस पशुओं को हटाने, कुत्तों के बंध्याकरण और बंदरों को पकड़ने के काम में तेजी लाई जाएगी। इसके अलावा, सार्वजनिक शौचालयों की साफ-सफाई और रखरखाव सुनिश्चित करने के लिए नियमित निरीक्षण भी किए जाएंगे।
अब देखना होगा, जमीन पर कितना बदलेगा गुरुग्राम?
MCG इंस्पेक्शन ऐप का दायरा बढ़ने और शिकायतों के समाधान के लिए समयसीमा तय होने से नगर निगम की जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद है। लेकिन असली सवाल यही है कि क्या इस डिजिटल निगरानी से गुरुग्राम की सफाई व्यवस्था सुधरेगी, अवैध कब्जे हटेंगे और लोगों की शिकायतों का समय पर समाधान होगा? अब निगरानी मोबाइल से होगी, लेकिन शहर को राहत तभी मिलेगी जब इसका असर जमीन पर भी दिखाई देगा।
